तीन साल बाद आया एमपीपीएससी का रिजल्ट, शहर को मिले 8 नए अधिकारी

लोकमतसत्याग्रह/दिसंबर 2019 में प्रीलिम्स और 2020 में मेन्स की परीक्षा होने के बाद आखिरकार एमपीपीएससी ने परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। इस परीक्षा में शहर के लगभग दो हजार परिक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था । यहां खास बात यह है कि मेन्स की परीक्षा यहां दो बार आयोजित करवाई जा चुकी है साथ ही इसको लेकर छात्रों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जिसका प्रकरण अभी भी लंबित है। इसी कारण सभी पदों के लिए 87 प्रतिशत के अनुपात में ही चयन सूची जारी की गई है। बाकी के बचे 13 प्रतिशत अभ्यर्थियों के नाम होल्ड पर रखे गए हैं। 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर कोर्ट का निर्णय आने के बाद ही बाकी के 13 प्रतिशत पदों के परिणाम जारी किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि 2019 में चयन प्रक्रिया के तहत दो अलग-अलग मुख्य परीक्षाएं ली गईं और उस आधार पर एक रिजल्ट जारी किया गया है। पहले भी पीएससी मुख्य परीक्षा का रिजल्ट दो बार बदल चुका है।

इनकी मेहनत रंग लाई

आकाश यादव

शहर के आकाश का चयन सहायक संचालक स्कूल शिक्षा विभाग के पद पर हुआ है। आकाश बताते हैं कि उन्होंने इंदौर में रह कर कुछ समय कोचिंग की फिर उसके बाद से स्वयं ही सेल्फ स्टडी कर रहे हैं। दूसरे प्रयाय में उन्हें सफलता हासिल हुई है। आकाश का कहना है कि मेहनत अगर सही दिशा में की जाए तो समय जरूर लगता है लेकिन सफलता निश्चित ही प्राप्त होती है।

मोनिका माहौर

पहले प्रयास में ही फतह करने वाली शहर की बेटी मोनिका का चयन सहायक संचालक जनसंपर्क के पद पर हुआ है। अपनी सफलता की कहानी सुनाते हुए मोनिका ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में रह कर यूपीएससी की तैयारी की थी । लगभग एक साल तैयारी करने के बाद उन्होंने ग्वालियर आकर एमपीपीएससी की परीक्षा दी और जीत हासिल की ।

रवि शंकर

आबकारी उपनिरीक्षक के पद पर ज्वाइन करने जा रहे शहर के रवि शंकर ने दूसरे प्रयास में एमपीपीएससी के चक्रव्यूह को भेदा । रवि ने लगभग 4 वर्ष तक दिल्ली रहकर यूपीएससी की तैयारी की , उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा भी दी लेकिन किसी कारणवश चयन नहीं हो सका । फिर उन्होंने एमपीपीएससी की परीक्षा दी और सेकेंड अटैम्प्ट में उन्होंने नौकरी हासिल कर ली।

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