भाषा विवाद को लेकर बेंगलुरु में प्रदर्शन:हिंदी-अंग्रेजी भाषा के साइनबोर्ड्स पर कालिख पोती, मांग- बोर्ड पर 60% कन्नड़ का नियम तुरंत लागू हो

लोकमतसत्याग्रह/बेंगलुरु में भाषा विवाद को लेकर बुधवार (27 दिसंबर) को कई जगहों पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट, होटल, दुकानों और प्राइवेट कम्पनियों के ऑफिस के बाहर तोड़फोड़ की। उपद्रवियों ने उन जगहों को निशाना बनाया, जिनके साइनबोर्ड्स पर कन्नड़ के बजाय हिन्दी या अंग्रेजी भाषा लिखी है। प्रदर्शनकारियों ने ऐसे साइनबोर्ड्स फाड़ दिए या उन पर कालिख पोत दी।

दरअसल, बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) ने 25 दिसंबर को एक आदेश जारी किया था, जिसमें शहर की सभी दुकानों, होटल्स और मॉल्स में लगे साइनबोर्ड पर 60% कन्नड़ भाषा अनिवार्य कर दी थी।

इसके लिए दुकानों के मालिकों को 28 फरवरी तक का समय दिया गया है। ऐसा न करने पर दुकानों का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। BBMP की ओर से यह आदेश आने के बाद लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया, उनकी मांग की है यह आदेश तत्काल लागू किया जाए। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कर्नाटक रक्षणा वेदिके ग्रुप (KRV) के कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। विरोध प्रदर्शन KRV अध्यक्ष टी ए नारायण गौड़ा के नेतृत्व में हो रहा था जिसे केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से क्यूबन पार्क तक आयोजित किया गया था।

गौड़ा ने बुधवार को हुए प्रदर्शन के बारे में कहा कि कई अलग-अलग राज्यों के लोग बैंगलोर में आकर व्यापार कर रहे हैं। वे अपनी दुकानों पर कन्नड़ नेमप्लेट ना लगाकर केवल अंग्रेजी में अपनी दुकानों के नेमप्लेट लगाते हैं। यदि वे बैंगलोर में बिजनेस करना चाहते हैं तो उन्हें कन्नड़ भाषा में ही अपनी दुकानों पर नेमप्लेट लगानी होगी वरना कर्नाटक से जाना पड़ेगा। कर्नाटक सरकार का कानून है कि 60 प्रतिशत नेमप्लेट कन्नड़ में होना चाहिए। कोई भी इसका ठीक से पालन नहीं कर रहा है, इसलिए आज हम बड़े पैमाने पर जागरूकता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर पुलिस आज हमें रोकती है, तब भी हमारा संघर्ष बंद नहीं होगा। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती, हम हर दिन रैली करेंगे।

CM ने कहा थासभी को कन्नड़ बोलनी चाहिए
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अक्टूबर 2023 में कहा था- यहां कई भाषाएं बोलने वाले लोग आकर बस गए हैं, लेकिन हम सभी को कन्नड़ बोलनी चाहिए। तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में स्थानीय भाषा सीखे बिना रहना मुश्किल है, लेकिन कर्नाटक में आप जिंदा रह सकते हैं। कन्नड़िगा दूसरे राज्यों के लोगों को अपनी भाषा सिखाने के बजाय उनकी भाषा सीख रहे हैं।

बेंगलुरु की सभी दुकानों, होटल्स और मॉल्स में लगे साइनबोर्ड में 60% कन्नड़ भाषा होनी चाहिए। इसके लिए दुकानों के मालिकों को 28 फरवरी तक का समय दिया गया है। ऐसा न करने पर दुकानों का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। यह निर्देश बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) ने दिए हैं।

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