हेरिटेज लुक में जगमगाएगी एयरपोर्ट रोड

लोकमतसत्याग्रह/फ्लाइट से एयरपोर्ट आने वाले सैलानी शहर में प्रवेश करते ही ग्वालियर के हेरिटेज से रूबरू होंगे। एक तरफ उन्हें हेरिटेज लुक वाली एयरपोर्ट बिल्डिंग नजर आएगी, तो वहीं एयरपोर्ट रोड भी पूरी तरह से हेरिटेज लुक में ही जगमगाती नजर आएगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश के बाद इस रोड पर अब लोक निर्माण विभाग ने 64 लाख रुपये की लागत से हेरिटेज पोल लगाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं, जो आगामी 29 दिसंबर को खोले जाएंगे। यहां सड़क के दोनों ओर ठीक उसी तरह से हेरिटेज पोल लगाए जाएंगे, जैसे महाराज बाड़ा और थीम रोड पर लगाए गए हैं। ग्वालियर के नए एयर टर्मिनल का निर्माण कार्य अब लगभग अंतिम चरण की ओर है।

लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले इस एयर टर्मिनल में ग्वालियर के हेरिटेज को समावेशित किया जा रहा है, लेकिन यह हेरिटेज सिर्फ एयरपोर्ट बिल्डिंग तक ही सीमित न रहे और शहर में फ्लाइट के जरिए आने वाले लोगों को शहर की सड़कों पर भी हेरिटेज लुक दिखे, इसके लिए यहां हेरिटेज लाइटें ही लगाई जाएंगी। ये लाइटें ग्वालियर के राजसी वैभव को प्रदर्शित करेंगी और इन पर दोनों तरफ कांच के लैंप में बल्ब लगाए जाएंगे। ये हेरिटेज पोल 366 मीटर की लंबाई में लगाए जाएंगे और इनकी संख्या लगभग 30 के आसपास रहेगी। नीडम और गांधी रोड पर भी लगेंगे पोल: उधर शहर के अन्य प्रमुख मार्गों को भी भव्यता देने के उद्देश्य से स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा नाका चंद्रवदनी से लेकर विवेकानंद नीडम रेलवे क्रासिंग तक 6.68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कराई जा रही फोरलेन रोड पर भी डिवाइडर पर हेरिटेज पोल लगाए जाएंगे। यहां कार्पोरेशन द्वारा 15 से 20 हेरिटेज पोल लगाए जाएंगे, ताकि शाम के समय इस सड़क पर निकलने में भी लोगों को अच्छा महसूस हो। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये की लागत से नगर निगम द्वारा गांधी रोड पर किए जा रहे सुंदरीकरण कार्य में भी हेरिटेज पोल का इस्तेमाल किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने यहां हेरिटेज पोल लगाने के निर्देश दिए हैं।

विशेष रूप से होगी कास्टिंग

विभिन्न सड़कों पर लगने वाले हेरिटेज पोल ओपन मार्केट में नहीं मिलते हैं। इन पोल को विशेष रूप से कास्टिंग आयरन से तैयार किया जाता है। जिस भी कंपनी को टेंडर के बाद काम सौंपा जाएगा, उसे पहले हेरिटेज पोल की कुछ डिजाइनें दिखानी होंगी। उन डिजाइनों में से किसी एक का चयन करने के बाद उसकी डाइ तैयार की जाएगी। इस डाइ में ही पोल की कास्टिंग की जाएगी। इसके बाद पोल पर रंग-रोगन करने के बाद उन्हें फिटिंग के लिए साइट पर लाया जाएगा। हालांकि पोल की डिजाइन वैसी ही रहेगी, जैसे महाराज बाड़ा और थीम रोड पर लगे पोल की है।

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