देशभर में ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल खत्म:MP में शाजापुर कलेक्टर को हटाया गया; ड्राइवर से कहा था- तुम्हारी औकात क्या है

लोकमतसत्याग्रह/30 दिसंबर से देशभर में चल रही ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल केंद्र सरकार से बातचीत के बाद मंगलवार देर रात को खत्म हो गई। ट्रक ड्राइवर्स केंद्र सरकार के हिट एंड रन कानून के नए नियमों को लेकर पिछले 4 दिनों से विरोध कर रहा था।

हड़ताल का सबसे ज्यादा असर, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 10 से ज्यादा राज्यों में देखने को मिला था। इसकी वजह से पेट्रोल, घरेलू गैस, दूध और सब्जियों जैसे जरूरी सामानों की आवाजाही प्रभावित हो गई थी।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हिट एंड रन कानून से जुड़े मसलों पर बात की जाएगी। इसके साथ ही ट्रक ड्राइवरों से अपील की गई है कि वो हड़ताल वापस लें।

केंद्रीय गृह सचिव ने बताया कि न्याय संहिता की धारा 106 (2) में 10 साल की सजा और जुर्माने को लेकर वाहन चालकों की चिंता पर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सदस्यों से विस्तृत चर्चा की गई। इसे लागू करने से पहले ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस से विचार विमर्श किया जाएगा। इसी के बाद किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।

उधर, मध्य प्रदेश में ट्रक ड्राइवर से बदसलूकी करने वाले शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हटा दिया है। हड़ताल के दौरान मंगलवार को एक बैठक में कन्याल और ड्राइवर्स के बीच गहमा-गहमी हो गई थी। उन्होंने ड्राइवर से कहा था कि समझ क्या रखा है? क्या करोगे तुम, तुम्हारी औकात क्या है?

सिलसिलेवार पढ़ें हड़ताल का घटनाक्रम

02 जनवरी, हड़ताल का चौथा दिन: केंद्र और AIMTC के बीच सुलह, हड़ताल खत्म करने पर सहमति बनी
हड़ताल के चौथे दिन (2 जनवरी) देश के करीब 10 राज्यों में चक्का जाम देखने को मिला। इससे पेट्रोल-डीजल, फल-सब्जी और बाकी जरूरी चीजों की सप्लाई पर असर पड़ा। हड़ताल के बढ़ते असर को देखते हुए दिल्ली में केंद्र सरकार और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) की मीटिंग हुई। जिसमें हड़ताल खत्म करने पर सहमति बनी। केंद्र सरकार ने ड्राइवर्स से काम पर लौटने की अपील की।

01 जनवरी, हड़ताल का तीसरा दिन: पेट्रोल पंप पर भारी भीड़, कई राज्यों में 90% पंप ड्राइ हुए
हड़ताल के तीसरे दिन 1 जनवरी को जम्मू कश्मीर के 20 जिलों में 90% पेट्रोल पंप बिना स्टॉक के हो गए थे। पंजाब में भटिंडा रिफाइरी से ईंधन नहीं उठाया जा सका। राजस्थान में पुलिस की गाड़ी में आग लगा दी गई। महाराष्ट्र में एक पुलिसकर्मी पर हमला हुआ। हिमाचल में तेल के टैंकर पुलिस की निगरानी में सड़कों पर उतरे। दिल्ली में सब्जी की सप्लाई प्रभावित हुई। यूपी के आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर पत्थरबाजी की घटना हुई। मध्य प्रदेश में टैंकर्स को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई गई। बिहार में एलपीजी की कमी महसूस की गई।

31 दिसंबर, हड़ताल का दूसरा दिन: गुजरात में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज
गुजरात में ट्रक चालकों ने राजकोट-अहमदाबाद हाईवे बंद कराने की कोशिश की, जिससे लंबा जाम लग गया। इस दौरान भीड़ में से कुछ लोगों ने एक बस की खिड़की के कांच तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसमें कुछ लोग घायल हो गए। यहां कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

30 दिसंबर, हड़ताल का पहला दिन: हिट एंड रन कानून पर विचार करे सरकार
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने हिट एंड रन कानून को सख्त बनाने का विरोध किया। संगठन के आह्वान पर ही चक्का जाम और हड़ताल शुरू हुई। इसके बाद देशभर में जरूरी चीजों के ट्रांसपोर्ट प्रभावित होने लगी। खासकर पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतार देखने को मिली। फल-सब्जियों और दूध जैसी चीजों की कमी होने लगी।

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