ढाई घंटे की बैठक 30 मिनट में सिमटी, मुख्यमंत्री बोले- मुझ पर समय कम, नोट करा देना समस्याएं

लोकमतसत्याग्रह/नगर निगम के जिस लाल टिपारा गोशाला के कार्यक्रम में सीएम डा. मोहन यादव को मुख्य रूप से बुलाया उसी कार्यक्रम में नगर निगम महापौर डा. शोभा सिकरवार को न्यौता देना भूल गया। इसी कारण शाम को सीएम यादव की अध्यक्षता में संभागीय समीक्षा बैठक का महापौर व उनके पति विधायक सतीश सिकरवार सहित डबरा विधायक ने बहिष्कार कर दिया। कांग्रेस विधायक ने कहा कि यह अपमान है। सीएम व सिंधिया ने समझाने का प्रयास किया लेकिन महापौर व विधायकगण नहीं रुके और उठकर चले गए।

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की पहली संभागीय समीक्षा बैठक शुरू होते ही नेताओं के सवालों-समस्याओं से गूंज उठी। सीएम को सभी को शांत करते हुए कहना पड़ा कि पहले प्रजेंटेशन देख लें और आप लोग अपनी समस्याएं नोट करा देना। सीएम ने प्रजेंटेशन देखा और 30 मिनट पूरे होते ही बैठक खत्म कर दी, जबकि विकास कार्य और कानून व्यवस्था की बैठकों का समय दो घंटे से ज्यादा प्रस्तावित था। सीएम के उठते ही सवाल पूछते रहे गए विधायकों से सीएम ने कहा कि मेरे पास समय की कमी है, बैठक में मुख्य सचिव और डीजी आनलाइन जुड़े हुए हैं आप समस्याएं बता देना, मीटिंग चलती रहेगी। राजस्व भवन में गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि जरूरतमंदों को रोजगार देना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए पर्यटन, वन, खनिज, उद्योग व सेवा क्षेत्र सहित सभी सेक्टर को शामिल कर रोजगार देने की कार्ययोजना बनाएं। कार्ययोजना ऐसी हो जिससे हर सेक्टर से जरूरतमंदों को रोजगार मिले, इसकी जिलेवार तैयारी करें। उन्होंने संभाग की कानून व्यवस्था की समीक्षा भी बैठक में की। बैठक में केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे।

फरवरी तक पूरे करें विकास कार्य: सिंधिया

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जो कार्य पूर्णता की ओर है उन्हें फरवरी माह तक पूरे कराएं। साथ ही विकास कार्यों की सूचना जनप्रतिनिधियों को भी दी जाए। उन्होंने ग्वालियर शहर को स्वच्छता में अव्वल बनाने और शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया।

पर्यटन की संभावनाएं, रोजगार से जुड़ी योजनाएं

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां किला सहित अन्य ऐतिहासिक इमारतें, जलाशय व अकूत वन संपदा उपलब्ध है। इसलिए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये रोजगारपरक योजना तैयार करें। उन्होनें वृहद स्तर पर रोजगार मेला आयोजित करने पर बल दिया। साथ ही कहा कि ये मेले दिखावे के न हों, इनसे लोगों को रोजगार मिलना चाहिए। वहीं सीएम ने ग्वालियर की उद्यानिकी और जेसी मिल्स पटटा वितरण को लेकर रिपोर्ट मांगी है जो प्रशासन बनाकर देगा।

बड़े भाव लेकर बैठें जनप्रतिनिधि, ग्वालियर को स्वच्छता में बनाएं अव्वल

बैठक में कांग्रेसियों के बहिष्कार के बाद सीएम ने जनप्रतिनिधियों को इशारा किया कि बैठक में बड़े भाव के साथ बैठें। सरकार दलगत भावना से ऊपर उठकर सबके सुझावों को सम्मान देगी। उन्होंने ग्वालियर संभाग के सभी सांसद व विधायकों के साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए और कहा कि सभी जनप्रतिनिधि लिखित में अपने सुझाव भी दें। ग्वालियर को स्वच्छता में अव्वल बनाकर मान सम्मान बढ़ाने की अपील की।

सीएम को बताईं चुनौतियां, अवसर नवाचार और अपेक्षाएं

चुनौतियां

  • शासकीय कार्यालयों का री-डेंसिफिकेशन
  • मुरार क्षेत्र में ट्रैफिक की समस्या ग्वालियर फोर्ट पर ट्रैफिक की समस्या
  • त्रुटिपूर्ण नक्शा व नक्शा विहीन ग्राम
  • थाना एवं तहसील क्षेत्र का युक्तियुक्तकरण

अवसर

  • मेला ग्राउंड का विकास पर्यटन का विस्तार एवं गतिविधियां
  • साडा क्षेत्र में नवीन इंडस्ट्रियल क्षेत्र का विकास
  • वाइल्ड लाइफ टूरिज्म का विकास
  • मछली पालन के क्षेत्र का विस्तार व मार्केट लिंक

नवाचार

  • पात्रता एप्लीकेशन ग्वालियर
  • 100 माध्यमिक स्कूलों में जिला जेल प्रबंधन के माध्यम से फर्नीचर
  • नीम पर्वत को टूरिस्ट स्पाट के रूप में विकसित करना

अपेक्षाएं

  • पर्यटन का क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में स्थापित होना
  • ग्वालियर शहर के निकट बड़े कस्बों का भविष्यात्मक नगरीकरण
  • मार्डन रिकार्ड रूम की आवश्यकता शहर के रोड प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण के संबंध में पालिसी
  • जिले के शेष माध्यमिक स्कूलों में फर्नीचर की उपलब्धता
  • ग्वालियर के महत्वपूर्ण स्थलों को सर्विलांस कैमरा द्वारा कवर करना संगीत विश्वविद्यालय का विकास

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