अस्पताल पहुंचने से पहले ही 20 फीसद लोगों की थम रही सांसें

लोकमतसत्याग्रह/बढ़ती ठंड में दिल धोखा दे रहा है। कोरोनरी धमनियां सिकुड़ रही हैं। सामान्य व्यक्ति को भी दिल का दौरा पड़ने की आशंका 33 फीसदी तक बढ़ गई है। वहीं बीस फीसदी ऐसे हैं जिनकी सांसें अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम रही हैं। यदि कोई पहले से दिल का मरीज है तो उनकी समस्या गंभीर हो रही है। सर्दी बढ़ने के साथ ही जेएएच के कार्डियक सेंटर में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है।

रोजाना हार्ट अटैक के दस से 15 मरीज पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों के मुकाबले यह दोगुने है। चिंता की बात है कि इनमें सबसे ज्यादा मरीज कम उम्र के होते हैं, जिन्हें पहले हृदय से जुड़ी समस्या नहीं रही। अचानक सीने में दर्द हुआ और जांच के बाद दिल का दौरा पाया गया। हृदय रोग विशेषज्ञ डा. पुनीत रस्तोगी बताते हैं कि ऐसे कई मरीज है जो अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ रहे हैं। इनमें युवा भी शामिल हैं। इसलिए ठंड में हृदय रोगियों व रोगी नहीं है, उसको भी विशेष ख्याल रखना है।

अटैक पड़ने की दो बड़ी वजह

  • सर्दी के दौरान अन्य धमनियों की तरह कोरोनरी धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे दिल की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति कम हो सकती है। रक्त की आपूर्ति कम होने से मायोकार्डियल इस्किमिया और दिल का दौरा पड़ सकता है। इसके अलावा सर्दियों के दौरान रक्त की मात्रा में वृद्धि होती है। गर्मियों में पसीने के माध्यम से तरल पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाता है।
  • सर्दी के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण फाइब्रिनोजेन सहित थक्के जमने वाले कारकों के स्तर में बढ़त होती है। थक्के जमने की संख्या बढ़ने से दिल के दौरे की आशंका भी बढ़ जाती है।

यह रखें सावधानी

  • कार्डियक मरीज, वृद्धजन, ब्लडप्रेशर से पीड़ित, हाई रिस्क मरीजों को सर्दी से बचाव रखना चाहिए।
  • सर्द हवाओं से बचें, सर्द हवाएं सर्वाधिक नुकसानदायक।
  • सर्द हवाओं से शरीर का मैटाबालिक सिस्टम और हिमोडायनेमिक सिस्टम को परिवर्तित कर देती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है।
  • तले पदार्थ व गर्म मसालों से परहेज करें।
  • तेल-घी कम उपयोग करें।
  • जंक-फूड कम से कम खाएं।
  • ठंडे पेय पदार्थ नहीं लें।

सर्दियों में दिल का दौरा आने की आशंका 33 फीसद तक बढ़ जाती है। ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जो हार्ट अटैक का कारण बनता है। हृदय रक्त वाहिनियों में कालेस्ट्रोल युक्त प्लेग के रेपचर होने से ब्लड क्लाट बनकर हार्ट का संचालन बंद हो जाता है, जिससे हृदयघात का खतरा बढ़ जाता है। हृदय के अन्य मरीज कार्डियोमायो मैथी से पीड़ित हैं। उनमें हार्ट की पंपिंग पहले से कम होती है। सर्दियों में लंग्स में इंफेक्शन होने से पंपिंग पर असर पड़ा है। हार्ट फैल्योर की स्थिति बना देता है।

डा. पुनीत रस्तोगी, विभागाध्यक्ष, कार्डियक सेंटर, जेएएच।

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