शिक्षकों की नियुक्ति शून्य होने से फंसा संबद्धता का पेंच

लोकमतसत्याग्रह/जीवाजी विश्वविद्यालय की संबद्धता नवीनीकरण प्रक्रिया में बड़ा पेंच फंस गया है। जेयू ने ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी कालेजों में परिनियम 28 (17) के बिना अनुमोदन वाले शिक्षकों और प्राचार्यों की नियुक्ति को शून्य कर दिया है। वहीं दूसरी ओर संबद्धता के लिए प्रोफार्मा जारी कर दिया है। आलम यह है कि संबद्धता के लिए प्रोफार्मा जमा करने और फीस भरकर आवेदन करने की अंतिम तिथि निकल चुकी है और 208 कालेजो में से सिर्फ सात कालेजों ने संबद्धता के लिए आवेदन किया है। शेष कालेज अभी भी शिक्षकों के अनुमोदन करवाने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। निम्न स्तर के प्रबंधन का प्रमाण दे रहे जेयू के अधिकारी यह भी नहीं सोच सके कि एक साथ शिक्षकों की नियुक्ति शून्य कर देंगे तो संबद्धता प्रक्रिया समय से पूरी कैसे होगी। अब पूरी व्यवस्था गड़बड़ाने के बाद अधिकारी अंतिम तिथियां बढ़ाने में जुटे हैं। हालांकि अभी भी शिक्षक और प्राचार्यों की नियुक्ति के लिए भी सभी कालेजों से आवेदन नहीं मिल रहे हैं।

तिथि बढ़ाने की तैयारी

इस क्रम में जब कालेज वालों से जाना तो उन्होंने बताया कि जब तक जेयू शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर देता तब तक आवेदन में शिक्षकों की डिटेल्स कैसे भरी जाएंगी? अब जेयू प्रबंधन इस समस्या को सुलझने के लिए पहले शिक्षकों की नियुक्ति के लिए समय दे रहा है। डीसीडीसी शांतिदेव सिसोदिया का कहना है कि कालेज संचालकों को शिक्षकों और प्राचार्यों की नियुक्ति के लिए अभी कुछ दिन का समय और दिया जाएगा। बता दें कि इसी चक्कर में जीवाजी विश्वविद्यालय अब संबद्धता प्रक्रिया करवाने के लिए आवेदन करने की तिथि भी बढ़ा सकता है।

जीवाजी विश्वविद्यालय से 400 से भी अधिक कालेज संबद्धता प्राप्त हैं। लगभग 95 प्रतिशत कालेजों के शिक्षकों और प्राचार्यों की नियुक्ति जेयू शून्य कर चुका है। वहीं शिक्षक और प्राचार्यों की नियुक्ति के लिए आवेदन करने में 50 प्रतिशत कालेज ही आगे आये हैं। अब तक सिर्फ 239 कालेजों ने ही आवेदन किया है, जिनमें से किसकी नियुक्ति होगी किसकी नहीं यह भी तय नहीं है। कहीं न कहीं विवि की यह लापरवाही अंचल के कालेजों की संबद्धता और आगामी सत्र को प्रभावित करेंगी।

जीविवि में कितने कालेजों ने किया आवेदन

पाठ्यक्रम आवेदन आए

शिक्षा कालेज 142

सामान्य कालेज 86

विधि कालेज 5

मैनेजमेंट कालेज 6

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