एफआइआर से बयान नहीं मिले तो खारिज हुआ बीमा, अब 6 प्रतिशत ब्याज सहित चुकाने होंगे साढ़े बीस लाख रुपए

लोकमतसत्याग्रह/वाहन की लूट की वारदात में पुलिस द्वारा चोरी की एफआइआर लिखने पर बीमा कंपनी द्वारा क्लेम नहीं दिया गया तो वाहन मालिक ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया । फोरम ने मामले में सुनवाई करते हुए उन्हें 6 प्रतिशत ब्याज के साथ लगभग 20 लाख 70 हजार का क्लेम दिलवाया साथ ही 20 हजार रुपए का मानसिक क्षतिपूर्ति और परिवाद व्यव दिलवाया। इस मामले में वाहन मालिक की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता शिव शर्मा ने बताया कि बहोडापुर के रहने वाले ट्रांसपोर्टर दिनेश भदाैरिया का ट्रक फरीदाबाद से लूट लिया गया था जिसकी एफआइआर उन्होंने वहीं के स्थानीय थाने में दर्ज करवाई । पुलिस ने लूट के स्थान पर चोरी की एफआइआर दर्ज कर ली । जब इस मामले में दिनेश ने बीमा क्लेम किया तो कंपनी ने उनके बयान लिए तो उन्होंने लूट होने का जिक्र किया जबकि एफआइआर में चाेरी का होना बताया गया था। कंपनी ने इस मामले में बयान का मिलान न होने के आधार पर उनका बीमा भुगतान खारिज कर दिया।

जब यह मामला कंज्यूमर फोरम में आया तो सुनवाई के दौरान पुलिस की फाइलन रिपोर्ट पेश की गई। कंपनी को निर्देशित करते हुए फोरम ने कहा कि चाहे लूट हो या फिर चाेरी दोनों स्थितियों में वाहन तो चला ही गया , वाहन मालिक का तो भारी नुकसान हुआ ही है । अब बीमा कंपनी सिर्फ इस वजह से कि एफआइआर में चाेरी का जिक्र है और वाहन मालिक लूट होना बता रहे हैं, बीमा क्लेम को खारिज नहीं कर सकते हैं। फोरम ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बीमा निरस्ती की तारीख 1 जून 2022 से लेकर अभी तक के समय का 6 प्रतिशत ब्याज लगा कर 45 दिन के भीतर भुगतान कर दिया जाए ।

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