लोकमतसत्याग्रह/मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्वालियर के जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेने आए अपर मुख्य सचिव व ग्वालियर संभाग के प्रभारी केसी गुप्ता के सामने अवैध शराब, सटटे से लेकर साफ सफाई-स्ट्रीट लाइट व निगम की तंगहाली सामने आ गई। यहां मंत्रियों से लेकर विधायकों ने अपने अपने क्षेत्र से लेकर शहर की मुख्य समस्याओं को सामने रखा और निपटारे की मांग की। बैठक में उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि दक्षिण विधानसभा में सट्टा और अवैध शराब का कारोबार चल रहा है और रोका नहीं जा रहा है। पहले चलता रहा हो लेकिन मेरे सामने नहीं चलेगा।
इसी तरह डबरा विधायक सुरेश राजे ने डबरा मे अवैध उत्खनन का मुददा उठाया तो प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शहर की सफाई पर अप्रसन्नता जाहिर कर कहा कि सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था संभालने में काम करने वाली कंपनी नाकाम है। महापौर शोभा सिकरवार ने कहा कि नगर निगम पर पैसा नही है, वेतन तक नहीं बंट पा रहा है तो काम कहां से होंगे। अपर मुख्य सचिव ने समस्याओं को नोट कराया और कहा कि सुझावों पर अमल और समस्याओं का निराकरण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर सामाजिक न्याय व दिव्यांगजन कल्याण और उद्यानिकी व खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की मौजूदगी में आयोजित हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव और ग्वालियर संभाग के प्रभारी सचिव केसी गुप्ता ने जनप्रतिनिधियों से जिले के विकास के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव लिए।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जिले के विकास के लिए सभी के साझा प्रयास जरूरी हैं। मुख्यमंत्री ने इसी उद्देश्य से आप सबके सुझाव मांगे हैं। कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में हुई बैठक में महापौर डा. शोभा सिकरवार, विधायक डा. सतीश सिकरवार, सुरेश राजे व साहब सिंह गुर्जर, बीज और फार्म विकास निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल व सांसद प्रतिनिधि रामेश्वर भदौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, संभागीय आयुक्त दीपक सिंह, डीआइजी कृष्णावेणी देशावतु, कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश चंदेल, नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह, स्मार्ट सिटी की सीईओ नीतू माथुर, अपर कलेक्टर अंजू अरुण कुमार व जिला पंचायत के सीईओ विवेक कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
शासन स्तर के प्रस्तावों के लिए होगी बजट की व्यवस्था
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सुझावों के संबंध में जिला कलेक्टर संबंधित विभागों को तत्परता से पत्र के माध्यम से प्रस्ताव प्रेषित करें, ताकि प्रदेश स्तर पर इसकी मानीटरिंग की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में जो सुझाव आए हैं उनमें जिनका निराकरण जिला स्तर पर किया जाना है, उसको प्राथमिकता से किया जाए। शासन स्तर के प्रस्तावों को शासन स्तर से स्वीकृति और बजट की उपलब्धता हो, इसकी मानिटरिंग शासन स्तर पर की जाएगी।
किसने क्या कहा
- नारायण सिंह कुशवाह– शहर तथा ग्रामीण क्षेत्र में निराश्रित मवेशियों के प्रबंधन के लिये सुनियोजित कार्ययोजना बनाई जाए। इसके साथ ही लाल टिपारा गौशाला ग्वालियर की तर्ज पर जिले में अन्य बड़ी गौशालाओं की स्थापना हो, इसके भी सार्थक प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गौशालाओं के संचालन में आम नागरिकों एवं समाज सेवियों को भी सहभागी बनाया जाए। शहर में यातायात प्रबंधन के लिये भी सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से पुख्ता कार्ययोजना बनाकर कार्य करने की बात भी उन्होंने कही।
- प्रद्युम्न सिंह तोमर– शहर में स्वच्छता के लिये इंदौर की तर्ज पर और बेहतर प्रयास करने की आवश्यकता है। इसके लिये नगर निगम के माध्यम से कार्ययोजना तैयार कर शासन स्तर से मैनपावर एवं जो भी मशीनरी की आवश्यकता है, उसका प्रस्ताव भेजा जाए।
- शोभा सतीश सिकरवार– शासन स्तर से नगर निगम को मिलने वाला अनुदान समय पर मिले ताकि शहर विकास के कामों को तेजी के साथ किया जा सके। चुंगी क्षतिपूर्ति एवं अन्य जो धनराशि शासन स्तर से निगम को मिलती है वह नियमित रूप से समय पर मिले ताकि नगरीय निकाय बेहतर ढंग से अपने कार्यों को अंजाम दे सके।
- –सतीश सिकरवार– एयरपोर्ट से सात नम्बर चौराहे तक सड़क निर्माण के लिये तैयार किए गए प्रस्ताव को मंजूरी एवं धनराशि उपलब्ध कराए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि शासन स्तर से अधोसंरचना विकास के लिये धनराशि जिले को मिले ताकि ग्वालियर का तेजी से विकास हो सके।


