थानेदार बना भाई, बहन का टूटता घर जोड़ा, तीन महीने से मायके में रह रही गर्भवती महिला की पुलिस थाने में करवाई गोद भराई

लोकमतसत्याग्रह/शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाली पुलिस का एक और चेहरा सामने आया। यहां पुलिस ने एक भाई का फर्ज निभाते हुए गर्भवती महिला और उसके पति के बीच के विवाद को खत्म कर दोनों को साथ भेजा । ऐसा नहीं कि पुलिस ने उन्हें ऐसे ही रवाना कर दिया हो। उटीला थाना प्रभारी शिवम राजावत और एसडीओपी संतोष पटेल सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने उन्हें साड़ी, शाल, फल मिठाई के साथ रवाना किया । ठीक उसी तरह गोद भर कर भेजा जैसे बेटी को मायके से विदा किया जाता है।

दरअसल कुछ दिन पहले एक गर्भवती महिला अपनी एक साल की बेटी को लेकर थाना उटीला रिपोर्ट दर्ज करवाने आई थी । उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली।

बीस दिन बाद िर पहुंची

एफआईआर के लगभग बीस दिन बाद महिला दोबारा शिकायत लेकर एसडीओपी बेहट संतोष पटेल के पास पहुंची। उसने शिकायत में बताया उसका पति उसे साथ नहीं ले जा रहा है और वह अब भी मायके में ही रह रही है। वह ज्यादा दिन तक अपने माता पिता के साथ नहीं करना चाहती।

थाना प्रभारी ने दिलाया था भरोसा

इस पर थाना प्रभारी उटीला शिवम राजावत ने उसे भरोसा दिलाया कि दो दिन में आपका ये भाई आपको ससुराल पहुंचाएगा और आपका पति खुशी से आपको लेने आएगा।

पुलिस ने दी समझाइश

पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने के सामने मंदिर पर बैठाकर समझाया व शक संदेह को दूर करने का प्रयास किया । दोनों पक्षों की स्वीकृति से दोनों ने वरमाला डालकर दोबारा एक होकर दांपत्‍य जीवन जीने का संकल्प लिया और वहां से विदा हो गए।

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