लोकमतसत्याग्रह/घर-घर पीले अक्षत बांटकर सनातनियों को अयोध्याधाम में रामलला जू के दर्शनों के लिए प्रेरित करने वाले विहिप व स्वयंसेवकों के रामलला के दर्शनों की आकांक्षा पूरी होने में केवल चार दिन शेष रह गये। मध्य भारत प्रांत के 250 स्वयं सेवकों की टोली अपने आराध्य के दर्शन करेंगे। इन स्वयंसेवकों में कुछ रामजन्म भूमि मुक्ति आंदोलन से जुड़े कारसेवक भी शामिल हैं। अयोध्याधाम के लिए यह टोली बसों से 16 फरवरी को रवाना होगी। इस टोली में शामिल रामभक्त रामलला के दर्शनों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस टोली के सदस्य एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा का कहना है कि पुण्योदय होने पर तीर्थ स्थान के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है।
पहले अक्षत बांटे अब दर्शनों के लिए जायेंगे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक व विश्व हिन्दू परिषद के समर्पित स्वयंसेवकों ने एक जनवरी से 15 फरवरी तक अयोध्याधाम से आए पूजित पीले अक्षत का वितरण दो लाख से अधिक परिवारों में किया था। पीले अक्षत देकर सनातनियों को अयोध्याधाम में रामलला के दर्शनों के लिए आमंत्रित किया था। 22 जनवरी को रामलला जू के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह विश्वभर से सनातनियों के जुड़ने के कारण ट्रस्ट ने अनुरोध किया था कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद दर्शनों के लिए आएं। ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मध्य भारत प्रांत के स्वयंसेवकों को 17 फरवरी दर्शनों के लिए बुलाया गया है।
16 फरवरी को रवाना होंगे
विहिप के दायित्ववान कार्यकर्ता मुकेश गुप्ता ने बताया कि 16 फरवरी की शाम को मध्य भारत प्रांत के तीनों जिलों के ढाई सौ के लगभग स्वयंसेवक जयश्रीराम का जयघोष के साथ शाम पांच बजे बसों से रवाना होंगे। 17 फरवरी को अयोध्याधाम में पहुंचने के बाद सुबह पवित्र सरयू में स्नान करने के बाद जन्मभूमि में रामलला जू के दर्शन करेंगे। दिनभर अयोध्या में भ्रमण व मंदिरों के दर्शन करने के बाद रात को अयोध्याधाम से उन्ही बसों से स्वयंसेवकों से वापसी होगी। प्रत्येक स्वयंसेवक अपने आने-जाने का खर्च स्वयं व्यय करेगा। भोजन प्रसादी व ठहरने की व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की गई है।
अब कार्यक्रम तय किया जा रहा है
श्रीराम गंगा जल कलश यात्रा समिति के संयोजक मुकेश अग्रवाल ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्याधाम में रामलला जू के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के सुअवसर पर पांच नदियों के संगम पचनदा घाट से लाये गये पवित्र जल की भव्य कलश यात्रा नगर में निकाली गई थी। संकल्प लिया गया था कि इसी पवित्र जल से रामलला जू का अभिषेक अयोध्याधाम जाकर अभिषेक किया जायेगा। इसके साथ ही सनातन धर्म में बनाई गई जनकपुरी से आये उपहार भी रामलला को अर्पित किये जायेंगे। इस संबंध में जल्द ही ट्रस्ट से संपर्क कर समय मांगा जायेगा। क्योंकि ट्रस्ट व प्रधानमंत्री ने अयोध्याधाम में दर्शनों के लिए उमड़ भरी भीड़ के कारण अयोध्याधाम आने के लिए थोड़ा इंतजार करने का अनुरोध किया था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अगले माह अयोध्याधाम जाने का कार्यक्रम तय किया जायेगा।


