लोकमतसत्याग्रह/नगर निगम परिषद के बजट सम्मेलन का आयोजन आज दोपहर तीन बजे से जलविहार स्थित परिषद भवन में सभापति मनोज सिंह तोमर की अध्यक्षता में किया जाएगा। इस सम्मेलन में महापौर डा. शोभा सिकरवार वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए परिषद के सामने अपने कार्यकाल का दूसरा बजट प्रस्तुत करेंगी। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 2163.95 करोड़ रुपए का बजट तैयार किया गया है। गत वर्ष महापौर ने 2128.08 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया था। ऐसे में पिछली बार के मुकाबले बजट की राशि में 38 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। बजट में केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाली राशि को भी जोड़ा गया है, जिसमें अमृत योजना के फेज-2 में मिलने वाले 917 करोड़ रुपए की रकम भी शामिल है। इसके अलावा जनकार्य विभाग के लिए 495 करोड़ रुपए का प्रविधान किया गया है। परिषद में बजट प्रस्तुत होने के बाद सभापति द्वारा दावे-आपत्ति और संशोधन के लिए समय सीमा तय की जाएगी।
· विद्युत विभाग–शहर में पोल शिफ्टिंग, मेंटेनेंस व विभागीय कार्यों के लिए लगभग 40 करोड़ रुपए की राशि का प्रविधान बजट में किया गया है। हालांकि अभी स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का जिम्मा स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन के पास है।
· जनकार्य विभाग–शहर में डिपाजिट वर्क यानी नगर निगम के स्वयं के हिस्से के कार्य के लिए 200 करोड़ रुपए, जनप्रतिनिधियों की मौलिक निधि सहित स्मार्ट सिटी के 120 करोड़ रुपए सहित 495 करोड़ रुपए का प्रविधान है।
· सीवर सफाई-सीवर सफाई के लिए 75 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसमें 15 करोड़ रुपए की राशि से मेनहोल की सफाई के लिए नई मशीनों की खरीद का भी प्रस्ताव है।
· अमृत योजना प्रोजेक्ट फेज टू-917.93 करोड़ की राशि से अमृत फेज-1 में छूटे हुए हिस्सों में पानी की लाइनें डालने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के छह वार्डों में लाइनें बिछाने और चार नए ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाने की योजना है।
· कार्यशाला–28 नए वाहन खरीदने, वाहन किराए, मेंटेनेंस, मोबाइल टायलेट, जीपीएस सहित अन्य खर्चों के लिए 54 करोड़ रुपए का प्रविधान किया गया है।
मौलिक निधि में भी इजाफे का प्रस्ताव
बजट प्रस्ताव में महापौर की वर्तमान मौलिक निधि छह करोड़ में 2.5 करोड़ और सभापति की निधि पांच करोड़ में भी 2.5 करोड़ बढ़ाकर 7.5 करोड़ करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सभी 66 पार्षदों की निधि 65 लाख से बढ़ाकर 90-90 लाख करने के प्रस्ताव को फाइनल सहमति दी गई है। बीते वित्तीय वर्ष में मौलिक निधि के कार्यों के होने वाले शेष भुगतानों के लिए छह करोड़ की राशि आरक्षित की गई। इसके बाद संपत्तिकर राजस्व वसूली को भी लगभग 160 करोड़ की राशि के पार रख गया है। पहले यह बजट 2146 करोड़ का प्रस्तावित था, लेकिन 18 करोड़ मौलिक निधि बढ़ने के बाद कुल राशि 2163 करोड़ के पास होगा।
प्रस्तावित बजट 2024-25
- आय-2163 करोड़
- व्यय-2138 करोड़
- शुद्द लाभ-01 करोड़
- रक्षित निधि-24.13 करोड़


