लोकमतसत्याग्रह/रात्रि गश्त में कसावट लाने के लिए नया प्रयोग किया गया है। जो थाना प्रभारी और थाने के अन्य पुलिसकर्मी रात्रि गश्त में मौजूद रहेंगे, उन्हें गूगल मैप से अपनी लोकेशन पुलिस कंट्रोल रूम के वाट्सएप ग्रुप पर साझा करनी होगी। अगर लोकेशन आधा घंटे तक साझा नहीं की और इसमें लापरवाही बरती तो कार्रवाई भी होगी, इसे लेकर एएसपी ऋषिकेष मीणा ने आदेश जारी किए हैं।
दरअसल शहर में रात के समय लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं, इसलिए रात्रि गश्त पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रात में थाना प्रभारियों से लेकर पुलिसकर्मियों तक को गश्त करनी होती है, लेकिन कई पुलिसकर्मी तो गश्त पर निकलते ही नहीं। वायरलैस सेट के जरिये अपनी लोकेशन बताते रहते हैं, जबकि हकीकत में यह या तो थाने पर होते हैं या फिर घर पर। ऐसे में बदमाश रात के समय सक्रिय हो गए हैं। रात्रि गश्त में कसावट लाने के लिए एएसपी ऋषिकेष मीणा ने पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात पुलिसकर्मियों की बैठक ली, इसमें सामने आया कि थाना प्रभारी और थाने का स्टाफ रात में वायरलैस से लोकेशन देते हैं, जबकि वह कहीं और होते हैं। ऐसे में रात के समय होने वाली घटनाएं नहीं रुक रही हैं। एएसपी मीणा ने इसे लेकर निर्देश दिए हैं कि सभी थाना प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम में आने के बाद ही रात्रि 12 बजे गश्त पर रवाना होंगे। उनसे पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात पुलिसकर्मी लोकेशन पूछेंगे और लोकेशन वाट्सएप ग्रुप पर साझा करनी होगी। वाट्सएप पर करंट लोकेशन साझा करने का आप्शन होता है। अगर लापरवाही बरती तो कार्रवाई की जाएगी।
शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की धरपकड़, संदिग्धों से पूछताछ जरूरी
रात में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की वजह से सबसे ज्यादा हादसे होते हैं, इसलिए शहर के अंदर ऐसे चालकों की धरपकड़ साथ ही संदिग्धों से पूछताछ भी गश्त में करनी होगी। द्य देहात के थानों में सबसे ज्यादा लापरवाही: रात्रि गश्त में देहात के थानों में सबसे ज्यादा लापरवाही होती है। गश्त पर निकले पुलिसकर्मियों द्वारा घंटों तक लोकेशन नहीं दी जाती, इसके चलते देहात के थाना प्रभारियों को भी करंट लोकेशन साझा करनी होगी। द्य एफआरवी नोडल प्वाइंट से गायब तो कार्रवाई: एफआरवी को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं। पुलिस अधिकारियों को शिकायत मिली है कि एफआरवी नोडल प्वाइंट से गायब रहती हैं। यह उन प्वाइंट पर पहुंचती हैं, जहां से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश होता है।


