तेज आंधी पानी से जमीन पर लेटी फसल,नुकसान की आशंका

लोकमतसत्याग्रह/देर रात को तेज आंधी पानी आने से खेत में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। क्योंकि तेज हवा ने फसलों को जमीन पर लिटा दिया है। जबकि जाे फसलें कटकर खलियान में पहुंची उस पर पानी गिरने से नुकसान हुआ है। कुल मिलाकर वे मौसम वर्षा ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है क्योंकि उनकी मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। करीब दस से 15 फीसद का फसलों को नुकसान का अंदेशा जताया गया है । फसलों के नुकसान का आंकलन के निर्देश मुख्यमंत्री मोहन सिंह यादव ने समस्त कलेक्टर को दिए हैं। लेकिन इधर कृषि विभाग ने भी अपने स्तर पर सर्वे कराना शुरू कर दिया है।

बीमित फसल का 72 घंटे में किसान दें सूचना

चक्रवाती वर्षा और वे-मौसम वर्षा के बाद हुए नुकसानों का आकलन व्यक्तिगत बीमित खेत के स्तर पर किया जाएगा इसलिए किसान द्वारा नुकसान की जानकारी दर्ज करना आवश्यक है। किसान 72 घंटो के भीतर सीधा बीमा कंपनी, संबंधित बैंक, स्थानीय कृषि कार्यालय, क्राप इंश्योरेंस एप या राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल के द्वारा भी सूचना दे सकते हैं । बीमा कंपनी को सूचना देने के लिए किसान द्वारा निम्न टाल फ्री नंबर पर काल किया जा सकता है। टोल फ्री नंबर 1800-233-7115 ,1800 116 515 एवं क्राप इंश्योरेंस एप के माध्यम से भी दर्ज किया जा सकता है।

इन फसलों को हुआ नुकसान

कृषि अधिकारी रामसेवक शाक्यवार का कहना है कि वर्षा उन फसलों के लिए लाभदायी रही जिन्हें इस वक्त सिचाई की आवश्यकता थी। जैसे गेहूं,चना,मटर,मसूर, आदि। लेकिन उन फसलों के लिए नुकसानदायी रहा जो खेत में पकी हुई खड़ी है या फिर कटकर खलियान तक पहुंच चुकी है जैसे सरसों,चना, मसूर आदि। लेकिन सबसे अधिक नुकसान इन सभी फसलों को तेज रफ्तार चली हवाओं से हुआ। आंधी पानी साथ आने से वर्षा का लाभ कम और हवा से नुकसान अधिक हुआ है। क्योंकि हवा के कारण फसले जमीन पर लेट गई हैं। यदि अगले दो दिन में धूप अच्छी नहीं मिली तो नुकसान बढ़ सकता है अन्यथा धूप मिलने पर गेहूं,चना, सरसों, आदि के पेड़ एक बार फिर खड़े हो सकते हैं।

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