लोकमतसत्याग्रह/पूर्वी मध्य प्रदेश में झमाझम वर्षा का असर ग्वालियर-चंबल अंचल में देखा जा रहा है। दक्षिण पूर्वी हवाओं से मिल रही ठंडक के कारण दिन में धूप अपना असर नहीं दिखा पा रही है और रात पचमढ़ी से ठंडी बनी हुई है ।हालात यह है कि आसमान में बादल नहीं है और उत्तरी हवाएं भी ठंडक लेकर नहीं आ रही है। इसके बाद भी तापमान में गर्मी तेजी से नहीं बढ़ रही है। दिन व रात के तापमान 0.2 और 0.3 डिग्री का अंतर ही दर्ज किया गया है। इसके कारण दिन व रात का तापमान सामान्य से कम बना हुआ है।
मौसम वैज्ञानिक आरके शर्मा का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ आने से पहले तापमान में तेजी आती है। इस बार 20 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है जिसका असर भले ही 23 मार्च के आसपास होगा, लेकिन उससे पहले तापमान गति पकड़ेगा और पश्चिमी विक्षोभ के कारण फिर तापमान कम होने लगेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में हो रही वर्षा और ओलावृष्टि के कारण इस वक्त तापमान बहुत ही धीरे-धीरे आगे बढ़ पा रहा है।
मंगलवार की सुबह आसमान साफ रहा और दिन जैसे-जैसे आगे बढ़ा ताे तापमान भी बढ़ने लगा। दिन में अधिकतम तापमान 31.7 और न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि हवाओं में नमी सुबह के समय 67 फीसद और दोपहर में 37 फीसद दर्ज की गई जबकि हवा की रफ्तार 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रही।
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। जिसके कारण छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा हो रही है। इधर भूमध्य सागर से चलकर आ रही हवाएं अपने साथ नमी लेकर नहीं आ रही है। इस कारण से ग्वालियर चंबल अंचल में मौसम शुष्क बना हुआ है। हालात यह है कि पिछले तीन दिन से दिन व रात का तापमान लगातार बढ़ रहा है इसके बाद भी एक डिग्री नहीं बढ़ सका। क्योंकि धूप अपनी चमक दिखाती लेकिन पूर्वी हवाएं उसे कमजोर बनाती है इस कारण से तापमान में 0.2 के आसपास ही बढ़ोत्तरी दर्ज की जा पा रही है।


