थीम रोड पर हर रोज ट्रिपिंग से लोग परेशान, मशीन के बजाय अमला ढूंढ रहा फाल्ट

लोकमतसत्याग्रह/महल गेट से लेकर मांडरे की माता तक लगभग 20 करोड़ रुपये में तैयार की गई थीम रोड पर बिजली की लाइनें अंडरग्राउंड करने के साथ ही आकर्षक हेरिटेज पोल लगाए गए हैं। यहां आसपास बनी दुकानों को भी इसी अंडरग्राउंड लाइन से बिजली के कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन रोजाना अंडरग्राउंड लाइन में चार से छह बार ट्रिपिंग हो रही है। इसके चलते थीम रोड के पोल सहित आसपास की दुकानों की बिजली गुल हो जाती है। इसके बाद जब दुकानदार स्मार्ट सिटी कार्यालय में फोन कर शिकायत करते हैं, तब आधा से एक घंटे बाद कर्मचारी आकर इस लाइन को सुधारता है। यह स्थिति तब है, जबकि लाइन में आए फाल्ट को सुधारने के लिए कार्पोरेशन ने लगभग 58 लाख रुपये की लागत से विशेष फाल्ट लोकेटर मशीन खरीदी है।

इसके बावजूद मशीन के बजाय कर्मचारी भेजकर फाल्ट ढूंढा जाता है और उसके बाद उसे सही कराया जाता है। दरअसल थीम रोड के निर्माण के दौरान खंबों पर झूलते बिजली के तारों को अंडरग्राउंड कर ट्रांसफार्मर और रिंग मेन यूनिट (आरएमयू) से कनेक्ट किया गया था। इस लाइन को चार्ज भी कर लिया गया है। इसके साथ ही बिजली के खंबों को भी हटा दिया गया है। अब दिन के समय बार-बार इस अंडरग्राउंड लाइन में फाल्ट की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसके चलते स्थानीय दुकानदार परेशान हो रहे हैं। वहीं शाम के समय भी कई बार थीम रोड पर अंधेरा पसर जाता है। स्थानीय दुकानदार जब बिजली कंपनी और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को फोन कर शिकायत करते हैं, तब आधे से एक घंटे बाद अमला आकर इस फाल्ट को जांचता है और मरम्मत कर सप्लाई बहाल करता है।

राजपायगा रोड से भी हटाए जा रहे खंबे

इधर स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन ने राजपायगा रोड भी बनाकर तैयार कर दी है। इस रोड पर भी डिवाइडर व अगल-बगल बिजली के खंबे लगे हुए थे। यहां भी लाइन को अंडरग्राउंड कर दिया गया है। इसे चार्ज करने की भी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में यहां से बिजली के खंबे हटाने की भी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल थीम रोड पर बार-बार ट्रिपिंग और फाल्ट की समस्या होने के कारण कमोबेश कम व्यापारी वर्ग प्रभावित हो रहा है, लेकिन राजपायगा रोड पर यदि यह स्थिति बनती है, तो बड़ा बाजार प्रभावित होगा। इसका कारण है कि यहां कई निजी अस्पताल, क्लीनिक और मेडिकल स्टोर संचालित होते हैं।

मिली-जुली व्यवस्था से सुधार रहे फाल्ट

स्थिति यह है कि जैसे ही लाइन में फाल्ट आता है, वैसे ही रिंग मेन यूनिट (आरएमयू) से ट्रिपिंग हो जाती है और बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। आरएमयू का काम होता है कि वह फाल्ट की तीव्रता को लाइन में आगे नहीं बढ़ने देता है। ऐसे में स्थानीय दुकानदार बिजली कंपनी और कार्पोरेशन द्वारा अधिकृत की गई एलएंडटी कंपनी के कर्मचारियों को फोन करते हैं। इसके बाद ये कर्मचारी एक-दूसरे से बात कर थीम रोड पर पहुंचते हैं और आरएमयू में देखकर फाल्ट की स्थिति जांचते हैं। इस पूरी कार्रवाई में एक से डेढ़ घंटा लगता है। अब सवाल यही खड़ा हो रहा है कि यदि ऐसे ही फाल्ट की जांच होनी थी, तो फिर जनता के टैक्स के पैसे से लाखों रुपए खर्च कर मशीन क्यों खरीदी गई।

समस्या का स्थायी समाधान कराएंगे

थीम रोड पर यदि ट्रिपिंग की समस्या है, तो बिजली कंपनी और एलएंडटी के स्टाफ द्वारा इसे ठीक किया जाता है। हमने बिजली कंपनी को फाल्ट लोकेटर मशीन भी खरीदकर दी है, जिसका उपयोग उन्हें ही करना है। यदि फाल्ट की ज्यादा दिक्कत है, तो इसे चेक कराकर स्थायी समाधान कराया जाएगा।

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