कमांड सेंटर का करार आज खत्म, आचार संहिता तक नई कंपनी के टेंडर भी अटके

लोकमतसत्याग्रह/स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) का संचालन फिलहाल स्मार्ट सिटी को ही करना होगा। कमांड सेंटर को जिस कंपनी ने तैयार किया और आपरेशन-मेंटनेंस के लिए जो अवधि थी वह करार अब खत्म हो चुका है। 22 अप्रैल (आज) तक इसे स्थापित करने वाली कंपनी एचपी का करार है वह अब समाप्त हो रहा है। इस सेंटर को चलाने के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से पहले टेंडर जारी कर दिए गए हैं, लेकिन आचार संहिता में अब टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती है, जिस कारण लोकसभा चुनाव होने का इंतजार करना होगा। स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से एचपी प्रबंधन को पत्र भी लिखा गया है जिसमें हैंडओवर भी मांगा गया है। बताया गया है कि एचपी कंपनी के भुगतान को लेकर भी विवाद हैं, इस कारण कंपनी की ओर से हैंडओवर नहीं दिया गया है। यहां बता दें कि ग्वालियर में स्मार्ट सिटी की ओर से कमांड व कंट्रोल सेंटर की स्थापना 2019 में की जानी थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट लेट हो गया और 2020 में यह पूरी तरह शुरू हो सका। हेवलेट पेकर्ड कंपनी की ओर से प्रदेश के सभी शहरों में कमांड सेंटर तैयार किए। ग्वालियर में लगभग तीस करोड़ रुपये की लागत से कमांड सेंटर को तैयार किया गया। हेवलेट पेकर्ड कंपनी स्मार्ट सिटी के लिए मास्टर सिस्टम इंटीग्रेटर है जिसने एंड-टू-एंड समाधान प्रदान किया है। यहां से प्रशासन को एक ही मंच के माध्यम से विभिन्न नागरिक सेवाओं को दूरस्थ रूप से प्रबंधित और नियंत्रित करने में मदद मिलती है। कोविड के दौरान इस कमांड सेंटर के जरिए काफी कम्युनिकेशन किया गया था।

स्मार्ट सिटी ने लिखा- कंपनी ने प्रापर हैंडओवर नहीं दिया

स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से हेवलेट पेकर्ड इंटरप्राइजेज को कुछ दिनों पहले ही पत्र लिखा गया है, जिसमें बताया गया है कि कंपनी का करार अब पूरा होने को है। जिसके बाद भी एचपी कंपनी की ओर से हैंडओवर दिए जाने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। ऐसे में यह करार का उल्लंघन की श्रेणी में आता है, कंपनी की ओर से जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।

22 अप्रैल को कंपनी का करार समाप्त हो रहा है। लेकिन आपरेशन के लिए जो कर्मचारी है उन्हें स्मार्ट सिटी उन्हें कलेक्ट्रेट रेट पर रखेगी इसके लिए अनुमति मांगी है जो दो से चार दिन में मिल जाएगी। स्मार्ट सिटी के एक्सटेंशन के लिए ड्राफ्ट तैयार कर केन्द्र सरकार को भेजा है,जिस पर लोकसभा चुनाव के बाद निर्णय ले लिया जाएगा।

नीतू माथुर,सीईओ स्मार्ट सिटी

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