आचार संहिता में सैकड़ों छात्रों के साथ डेढ़ घंटे किया एबीवीपी ने प्रदर्शन

लोकमतसत्याग्रह/लोकसभा चुनाव के चलते इन दिनों आचार संहिता लागू है, जिसमें किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन किए जाने पर सीधी एफआइआर दर्ज होने का प्राविधान है। ऐसे में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं ने बुधवार को नियमों को ताक पर रख जेयू में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर जंगी प्रदर्शन किया। सैंकड़ों छात्रों की भीड़ लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पहले प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर नारेबाजी की, फिर शटर खुलते ही प्रथम तक पर कुलगुरु आफिस के बाहर लगे शटर पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे। कुलगुरु की मौजूदगी के बाद भी उनसे संवाद नहीं किया बल्कि शटर को खुलवाकर सीधा कुलगुरु के चैंबर में पहुंच गए और वहां भी 20 मिनट की नारेबाजी के बाद अपनी बात कही। इस दौरान जेयू के कुलगुरु सहित अन्य अधिकारी मूकदर्शक बने रहे और आरोपों पर सफाई देते हुए एक-दूसरे के पाले में सवालों की गेंद फेंकते रहे। इसके बाद भी छात्र नेता दोबारा धरने पर बैठ गए और सभी मांगे मनवाकर ही उठे। दवाब बनाते हैं छात्र नेता : इस प्रकरण में यह भी आरोप लगाया गया है कि संगठन की एक छात्र नेता जो जेयू से ही पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही है और जिनका परीक्षा परिणाम अनुत्तीर्ण आया है वह जेयू के अधिकारियों से अपने रिजल्ट को लेकर हाल ही के दिनों में सिफारिश करने भी गईं थी। जब जेयू के अधिकारियों से इस बारे में सवाल किए, उन्होंने बताया कि छात्रनेता निजी कामों को लेकर अक्सर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं।

अधिकारियों का आश्वासन

कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी सहित कुलसचिव और अन्य अधिकारियों ने छात्र नेताओं को आश्वासन देते हुए 15 दिन में सभी समस्याओं का निराकरण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों का निर्धारण अब कालेजों के निरीक्षण के बाद ही किया जाएगा, इसके लिए अलग से कमेटी भी बनाई जाएगी। इसके अलावा कंप्यूटर लैब और वाटर कूलर को जल्द ही सही करवा दिया जाएगा।

यह रहे छात्रनेताओं के सवाल:

जिन परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी हुई है उनके खिलाफ क्या कार्यवाही की ?

जिस समिति ने परीक्षा केंद्र बनाए हैं क्या उन्होंने पहले संबंधित महाविद्यालय का निरीक्षण किया ?

जेयू के छात्रावास में लगभग डेढ़ साल से खेल सामग्री नहीं है, जबकि छात्रों से फीस बराबर वसूली जाती है।

विभागों में वाटर कूलर खराब पड़े हैं छात्रों को पीने के पाने के लिए परेशान होना पड़ता है , ऐसा क्यों ?

कई विभागों में कंप्यूटर लैब खराब पड़ी हैं छात्र कंप्यूटर शिक्षा से वंचित रह जाता है , ऐसा क्यों ?

दवाब बनाते हैं छात्र नेता

इस प्रकरण में यह भी आरोप लगाया गया है कि संगठन की एक छात्र नेता जो जेयू से ही पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही है और जिनका परीक्षा परिणाम अनुत्तीर्ण आया है वह जेयू के अधिकारियों से अपने रिजल्ट को लेकर हाल ही के दिनों में सिफारिश करने भी गईं थी । इतना ही नहीं उन्होंने प्रथम सेमिस्टर की अधूरी फीस भरने के बाद लगातार पांच सेमिस्टर की फीस भी नहीं भरी है। वहीं जब जेयू के अधिकारियों से इस बारे में सवाल किए तो उन्होंने बताया कि छात्रनेता अपने निजी कामों को लेकर अक्सर दवाब बनाने का प्रयास करते हैं।

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