एलिवेटेड रोड: लूप के चलते आफत में कई परिवार, अधिग्रहण की चार फाइलें तैयार

लोकमतसत्याग्रह/एलिवेटेड रोड के प्रथम चरण का काम स्वर्ण रेखा में चल रहा है। इस रोड पर चढ़ने और उतरने के लिए लोक निर्माण विभाग के सेतु संभाग द्वारा एक दर्जन से अधिक प्रवेश और निकास लूप तैयार किए जाने हैं, लेकिन ये लूप कहां बनने हैं और इसके लिए कितनी संपत्तियों को तोड़ना पड़ेगा, इसको लेकर लोगों के बीच अभी स्थिति साफ नहीं है। इसके चलते उपनगर ग्वालियर के सैकड़ों परिवार इस समय आफत में हैं। चार शहर का नाका, गोसपुरा, हजीरा, किला गेट आदि इलाकों में लोगों ने जहां अपने मकानों की मरम्मत के काम रुकवा दिए हैं, तो वहीं नए निर्माण से भी लोग बच रहे हैं। उधर अभी तक निजी भू-अर्जन की अधिसूचना जारी न होने के कारण यह भी साफ नहीं है कि कौन से मकान टूटेंगे और कौन से छोड़े जाएंगे।

एलिवेटेड रोड में सबसे ज्यादा क्षेत्र ग्वालियर उपनगर का

एलिवेटेड रोड के प्रथम चरण में साढ़े चार किमी के हिस्से में ज्यादा आबादी क्षेत्र उपनगर ग्वालियर के अंतर्गत ही आते हैं। यहां रमटापुरा, रानीपुरा, चंद्रनगर और हजीरा पर लूप तैयार किए जाने हैं। लूप तैयार करने के लिए लगभग सवा दो हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। इसी को लेकर लोगों के बीच अफवाहों का माहौल बना हुआ है। स्थिति यह है कि साढ़े छह किमी की इस रोड के लिए फिलहाल पिलर तैयार कर उस पर गार्डर लान्चिंग का कार्य चल रहा है और रोड के किनारे के सभी मकानों में रहने वाले लोग दहशत में हैं।

लूप के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हुई

पूरे उपनगर में इस बात की चर्चा है कि लूप के लिए मकानों की तोड़फोड़ की जानी है। ऐसे में लोग न तो मकानों की मरम्मत करा रहे हैं और न ही नया निर्माण करा रहे हैं। इस बात की जानकारी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों तक भी पहुंची है। ऐसे में लूप के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज किया गया है। इसकी कुल छह पाइलें तैयार की गई हैं। चार फाइलों को कलेक्टर रुचिका चौहान के पास पहुंचा दिया गया है, ताकि धारा 19 के तहत नोटिफिकेशन जारी किया जा सके और लोगों को मुआवजा दिया जा सके।

हजीरा पर होगी ज्यादा तोड़फोड़

लूप के निर्माण के दौरान हजीरा क्षेत्र में ज्यादा तोड़फोड़ की जाएगी। यहां सिविल अस्पताल के पास मौजूद पुल के आसपास की 21 से 22 दुकानों को तोड़ने की जरूरत होगी। इसके लिए दुकान संचालकों को पूर्व में सूचित कर दिया गया है। हालांकि कई संपत्तियां ऐसी भी हैं, जो जलसंसाधन विभाग से मुआवजा लेने के बाद भी मौके पर मौजूद हैं। ऐसे में इन संपत्तियों को हटाने पर किसी तरह का मुआवजा नहीं दिया जाएगा। इसकी भी सूची लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने तैयार कर ली है और जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी इसकी सूचना दे दी गई है।

दूसरे चरण के लूप का सर्वे शुरू

उधर एलिवेटेड रोड के दूसरे चरण में चिह्नित किए गए लूप के निर्माण के दौरान कितनी संपत्तियों की तोड़फोड़ की जानी है, इसका सर्वे शुरू कर दिया गया है। दूसरे चरण में फूलबाग के अलावा तारागंज, जनकगंज, जीवाजीगंज आदि इलाकों में लूप तैयार करने हैं और यहीं घनी आबादी भी है। ऐसे में प्रयास किए जा रहे हैं कि एलिवेटेड रोड के निर्माण के दौरान कम से कम मकानों को तोड़ना पड़े। अधिकारियों को यह भी अंदेशा है कि दूसरे चरण के निर्माण के दौरान लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ सकता है, इसलिए बारीकी से सर्वे कार्य किया जा रहा है।

अधिग्रहण की चार फाइलें तैयार हैं

पहले चरण में लूप के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं और सरकारी व निजी भूमि के अधिग्रहण की चार फाइलें भी जिला प्रशासन को भेज दी गई हैं। जिन स्थानों पर तोड़फोड़ होनी है, वहां सर्वे कर लोगों को बताया भी जा चुका है। अब जल्द ही अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी होगा, जिसके बाद मुआवजा देकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

जोगिंदर यादव, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग

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