लोकमतसत्याग्रह/प्रदेश के हरदा हादसे के बाद जांच के घेरे में आये आतिशबाजी कारोबार को लेकर जिला प्रशासन ने कारोबारियों की अपील सुनने के बाद आगामी प्रक्रिया को लेकर आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर रुचिका चौहान ने थोक लाइसेंस आतिशबाजी कारोबारियों के प्रकरणों में सभी मापदंडों के पालन को लेकर आदेशित किया है। गिरवाई की 14 थोक आतिशबाजी की दुकानों व गोदामों को सील किया गया था और निलंबन के नोटिस जारी किए गए थे,इसके जवाब में कारोबारियों ने नियम अनुसार कार्य करने को लेकर राहत देने की अपील की।
सबसे बड़ा बिंदु स्टाक को लेकर था जिसकी जांच अब गृह विभाग के विस्फोटक पदार्थे से जुड़े निरीक्षक करेंगे, इसमें जांचा जाएगा कि निर्धारित स्टाक दस्तावेज व भौतिक रूप से सही है या नहीं। इसके अलावा कारोबारियों ने जो अपनी आवंटित दुकानों का दायरा बढ़ाकर अतिक्रमण कर लिया था वह 30 दिन में तोड़ेंगे और मापदंड अनुसार करेंगे। इस अवधि तक आतिशबाजी का कारोबार नहीं किया जा सकेगा। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यहां बता दें कि हरदा हादसे के बाद सबक लेते हुए प्रशासन ने आतिशबाजी कारोबार की जांच करने के बाद ग्वालियर के थोक आतिशबाजी कारोबार के सभी लाइसेंसों को निलंबित कर दिया था। गिरवाई में 14 थोक आतिशबाजी के लाइसेंस के प्रतिष्ठान व गोदाम हैं। वहीं ट्रांसपोर्ट नगर में सात फर्मों को निलंबन के लिए नोटिस जारी किया गया था। गिरवाई का थोक आतिशबाजी कारोबार अब घनी आबादी में आ गया है इस बिंदु के चलते भी प्रशासन ने यह कार्रवाई की थी।
गिरवाई मार्केट को बाहर शिफ्ट करने को लेकर भी प्रशासन विचार कर रहा है। हरदा हादसे के बाद ग्वालियर प्रशासन ने आतिशबाजी कारोबार की पड़ताल शुरू की थी जिसमें शहरभर के आतिशबाजी लाइसेंसियों के प्रतिष्ठान व दुकानों की जांच की गई थी। जांच के दौरान कई तरह की स्टाक व सुरक्षा संबंधी खामियां मिलीं थीं। फर्मों से दस्तावेज भी मांगे गए थे। वहीं मुरार सहित अन्य इलाकों में अवैध आतिशबाजी भी जब्त करने की कार्रवाई की गई थी।
इसी क्रम में जांच के बाद अब कलेक्टर ने गिरवाई की थोक दुकानों को निलंबित कर दिया था। विस्फोटक नियंत्रक आगरा-भोपाल से जारी स्थायी आतिशबाजी भंडारण एवं विक्रय एलई-5 दुकान ट्रांसपोर्ट नगर के सात लायसेंस घनी आबादी में होने से उन्हें निरस्त के लिए प्रस्ताव अनुज्ञापन अधिकारी को भेजा गया। घनी आबादी के कारण फुलझड़ी निर्माण व आतिशबाजी निर्माण लाइसेंसधारियों के लाइसेंस निरस्ती बाबत प्रस्ताव भी अनुज्ञापन प्राधिकारी को भेजा गया।
आतिशबाजी कारोबारियों की ओर से अपील की गई थी जिसके बाद आगामी प्रक्रिया के लिए प्रकरणों में आदेश किए गए हैं, आतिशबाजी स्टाक की जांच के लिए गृह विभाग को लिखा गया है जिससे विशेषज्ञ निरीक्षक इनकी जांच करेंगे। दुकानों का जो बढ़ा हुआ हिस्सा है उसे निर्धारित क्षेत्र में करने के लिए तीस दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद शपथ पत्र लिए जाएंगे। इस अवधि तक आतिशबाजी का कारोबार नहीं किया जा सकेगा। शासन से भी मार्गदर्शन लिया गया है।
रुचिका चौहान, कलेक्टर, ग्वालियर


