लोकमतसत्याग्रह/विधानसभा में मध्यप्रदेश सरकार का सत्र 2024-25 का बजट बुधवार को पेश किया गया। जिसमें उच्च शिक्षा के क्षेत्र मे कई बड़ी सौगातें देने की बात कही गई है। जिनका फायदा प्रदेश भर के छात्रों को तो होगा ही साथ ही ग्वालियर के लिए भी कई नई राहें खुलेंगी । अब चाहे प्रदेश में तीन नए शासकीय विश्वविद्यालय की बात करें या फिर 22 नवीन आइटीआइ कालेज खोले जाने और 5280 सीटें बढ़ाए जाने का प्रस्ताव , छात्र हितों के हिसाब से यह सभी प्रावधान काफी लाभदायक रहेंगे।
हालांकि इस बजट में प्रदेश के देवास , छिंडवाडा और धार को ग्रीन स्किलिंग आइटीआइ की सौगात मिलेगी जिसमें सोलर टेक्निशियन और इलेक्ट्रिक व्हील मैकेनिक का पाठ्यक्रम भी शामिल किया जाएगा। स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिहाज से ग्वालियर के एसएलपी कालेज सहित प्रदेश के 55 जिलों में तैयार हुए पीएम कालेज आफ एक्सिलेंस का 565 करोड़ की राशि से उन्नयन होगा इसके साथ ही 2 हजार नवीन पदों का भी सृजन किया जा रहा है।
वहीं कालेज के संचालन से स्नातक स्तर पर 3605 और स्नातकोत्तर स्तर पर 1560 सीटों की वृद्धि होगी। प्रदेश में शिक्षा को सुगम बनाने के लिए खरगौन , गुना और सागर में तीन शासकीय विश्वविद्यालय और इसके अतिरिक्त 2 निजि विश्वविद्यालयों की स्थापना की प्रदेश में हुई है।244 करोड़ से विश्व बैंक परियोजना के द्वारा प्रदेश के 247 महाविद्यालयों का भौतिक और अकादमिक अधोसंरचना विकास किया जा रहा है वहीं विद्यार्थियों के लिए हर संभाग में स्थित पोलिटेक्निक या इंजीनियरिंग कालेज कालेज में कोडिंग लैब भी तैयार की जा रही है।
मेडिकल शिक्षा में उन्नति लाने के लिए सिवनी, मंदसौर और नीमच में मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।इसके बाद आगामी 2 वर्षों में 8 और मेडिकल कालेज संचालित करने की बात भी मौजूदा सरकार ने इस बजट के माध्यम से की है।
बजट में स्वास्थ्य: नवीन पद सृजन से मरीजों को मिलेगा फायदा
इस बजट में सरकार ने स्वास्थ्य पर खासा ध्यान दिया है। इस बार स्वास्थ्य को पिछले साल से 34 प्रतिशत अधिक बजट मिला है। इसके साथ ही सरकार प्रदेश में इण्डियन पब्लिक हेल्थ स्टेण्डर्ड के मापदंडों को लागू करेगी। साथ ही 46 हजार से अधिक नवीन पदों का सृजन किया गया है। जिससे मरीजों को लाभ होगा। वर्तमान में न केवल डाक्टरों की कमी है बल्कि पैरामेडिकल स्टाफ भी कम है।
आयुष्मान का बजट बढ़ने से भी मरीजों को अब और बेहतर उपचार मिल सकेगा। सरकार के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में जेएएच के संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डा. सुधीर सक्सेना ने कहा की यह सराहनीय कदम है। स्वास्थ्य का बजट अधिक होने से योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाएंगी।
मप्र शांति वाहन सेवा का गरीबों को मिलेगा लाभ
गंभीर रोगियों को आपात स्थिति में उपचार उपलब्ध कराने के लिए पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है। वहीं मध्य प्रदेश शांति वाहन सेवा की शुरुआत भी की गई है। ग्वालियर मेडिकल कालेज व स्वास्थ्य इकाइयों में दूर दराज से आने वाले गरीब मरीजों के स्वजन इसका लाभ ले सकेंगे।अब अस्पतालों में दुर्भाग्यवश मृत्यु पर शव घर ले जाने के लिए स्वजन नहीं भटकेंगे ।
आगामी 2 वर्षों में 8 और मेडिकल कॉलेज संचालित करने का सरकार प्रयास करेगी। नए कॉलेज के संचालन से स्नातक स्तर पर 3605 और स्नातकोत्तर स्तर पर 1560 सीटों की वृद्धि होगी। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत चार करोड़ एक लाख सदस्यों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस योजना के लिए 1381 करोड रुपए का प्रविधान रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। 800 आयुष आरोग्य मंदिर का संचालन भी प्रारंभ किया गया है।


