लोकमतसत्याग्रह/हत्या और हत्या के प्रयास जैसे सनसनीखेज अपराधों में नामजद बड़ागांव का अपराधी कपिल यादव जमानत पर छूट गया। उसे बुधवार को कोर्ट से जमानत पर मिली, जैसे ही केंद्रीय जेल ग्वालियर से बाहर आया तो जिन लोगों ने उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे, उन्हें भयभीत करने के लिए अपने समर्थकों को बुलाया। इसके बाद करीब 25 गाड़ियों के काफिले के साथ शहर के अलग-अलग इलाकों से होता हुआ घर पहुंचा।
इतना ही नहीं उसने थाने के सामने से ही हूटर लगी गाड़ियों का जुलूस निकाल दिया। उसके साथियों ने यह वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड करना शुरू कर दिए। इसके बाद तो यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो गए और पुलिस अधिकारियों तक भी पहुंच गए।
आनन-फानन में इस मामले में एफआइआर दर्ज कर कपिल और उसके फोटो, वीडियो इंटरनेट मीडिया पर डालकर उसे हीरो बनाने की कोशिश कर रहे गुर्गों की तलाश में दो टीमें लगा दी हैं। मुरार थाना और क्राइम ब्रांच की टीम तलाश में लगी है। बड़ागांव में देर रात तक अलग-अलग घरों में दबिश चलती रही। गाड़ियां तलाशी जा रही हैं। रात में एसपी धर्मवीर सिंह खुद मुरार थाने पहुंच गए। कपिल यादव पर दो एफआइआर दर्ज की गई हैं।
बड़ागांव का रहने वाला कपिल यादव अपराधी है। वह मुरार में रेपिडो राइडर की हत्या में नामजद है और इससे पहले सराफा कारोबारी महावीर जैन व उनके बेटे आकाश जैन पर गोलियां चलाई थीं। इसके अलावा भी उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे बुधवार को कोर्ट से जमानत मिल गई। उस पर रासुका लगाई गई थी, इसके चलते उसे रीवा जेल शिफ्ट किया गया था। पिछले कुछ समय से वह केंद्रीय जेल ग्वालियर में बंद था।
केंद्रीय जेल से वह जमानत पर छूटा। इसके बाद उसने खुलेआम कानून का मजाक उड़ाया। वह हूटर लगी गाड़ियों के साथ निकला। उसके साथी गाड़ियों की खिड़की से बाहर लटक रहे थे। सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर केक काटा, आतिशबाजी की और जाम लगाया। लोगों ने रोका तो अभद्रता पर उतारू हो गए। थाने के सामने से भी जुलूस निकाल दिया। गुरुवार को यह वीडियो बहुप्रसारित हो गए। इन वीडियो के जरिये लोगों को धमकाने का प्रयास किया गया। कुछ ऐसे वीडियो डाले गए, जिन पर दूसरों की हत्या तक करने की धमकी वाले वीडियो थे।
जमानत पर कैसे छूटा, इसे लेकर तमाम चर्चाएं, पुलिस ने विरोध क्यों नहीं किया
आरोपित कपिल यादव जमानत पर कैसे छूटा इसे लेकर तमाम चर्चाएं हो रही हैं। अब पुलिस जमानत की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देकर उसकी जमानत रद्द करने के लिए कानून प्रक्रिया अपनाने की बात कर रही है। इस संबंध में महाधिवक्ता से राय ली जाएगी, लेकिन जम जमानत के लिए आवेदन लगा था तो पुलिस ने इसका विरोध क्यों नहीं किया। सरकारी वकील ने उसके आपराधिक रिकार्ड को देखते हुए आपत्ति क्यों नहीं लगाई। इसे लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
फरियादी बोला- एक दिन पहले रात में मिला समन, वकील ही तैयार नहीं कर पाए
फरियादी महावीर जैन से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि एक दिन पहले रात करीब 8 बजे थाने से समन मिला। जिसमें तारीख पर जाने का उल्लेख था। इस दिन भी थाने से कोई सूचना नहीं दी गई कि आरोपित ने जमानत के लिए आवेदन लगाया है। वकील से संपर्क किया, लेकिन तैयारी ही नहीं कर पाए तब तक उसे जमानत मिल गई।
फटेहाल गुंडा, लक्जरी गाड़ियों का काफिला, पर्दे के पीछे भू-माफिया बहा रहे लाखों रुपये
कपिल यादव और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। अब चर्चा है- फटेहाल गुंडे के स्वागत में लक्जरी गाड़ियों का काफिला कैसे आ गया। इसमें लोगों का कहना है- पर्दे के पीछे बड़ागांव के भू-माफिया हैं, जो लाखों रुपये पानी की तरह बहा रहे हैं। एक केस में राजीनामा के लिए भी लाखों रुपये की पेशगी की खबर है। यह पैसा भी भू-माफियाओं की तरफ से खर्च किया गया है। पूरी तरह संगठित तरीके से कपिल जैसे गुंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जमानत पर छूटे गुंडे कपिल यादव द्वारा बिना अनुमति जिस तरह जुलूस निकाला, गाड़ियों में हूटर का उपयोग किया यह पूरी तरह गलत है। किसी भी स्थिति में आम लोगों को इस तरह के गुंडों से बचाना ही पुलिस का काम है। गुंडों से उन्हीं की भाषा में निपटा जाएगा। सख्त से सख्त कार्रवाई कराएंगे और एफआइआर दर्ज करने के साथ ही जमानत भी रद्द कराई जाएगी। पर्दे के पीछे कौन हैं, उसकी गैंग में कौन लाेग हैं, सभी को चिन्हित किया जा रहा है।
धर्मवीर सिंह, एसपी


