लोकमतसत्याग्रह/न कोई ओटीपी , न कोई कन्फर्मेशन काल , न ही कोई नंबर पूछा , सिर्फ वाॅट्सएप की मदद से ठग ने खाते से 5 लाख रुपए पार कर लिए। साइबर क्राइम पुलिस के समक्ष एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसमें ठग ने सिर्ए वॉट्सएप की मदद से शिकायतकर्ता के खाते से पांच लाख रुपए गायब कर दिए।
ऑटो डाउनलोड फीचर ऑन होना शिकायतकर्ता को भारी पड़ गया । इसी की मदद से ठग ने शिकायतकर्ता को पांच लाख की चपत लगा दी। ग्वालियर के रहने वाले बंटी कुशवाह की शिकायत पर दर्ज हुए मामले में राज्य साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए डबरा के रहने वाले ठग बीएससी पास 24 वर्ष के उमेश माहौर को गिरफ्तार कर लिया है।
बंटी के साथ हुई ठगी में वॉट्सएप की मदद ली गई जहां वॉट्सएप का ऑटो डाउनलोड फीचर आन होने की वजह से ठग ने उसके फोन में ताकाझांकी करना शुरू कर दिया। ठग ने पहले उसके वॉट्सएप पर एक मैसेज किया जिसमें एक एपीके फाइल भेजी । ऑटो डाउनलोड ऑन होने की वजह से युवक के फोन में वह एप डाउनलोड हो गया ।
उस एप की मदद से ठग ने युवक के फोन में इंटरनेट बैंकिंग पर नजर रखना शुरू कर दिया। जैसे ही मौका मिला वैसे ही युवक के खाते से पैसे पार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। यहां ट्रांजेक्शन के दौरान भेजे जाने वाले ओटीपी को भी बड़ी चतुराई से एसएमएस फारवर्ड के विकल्प की मदद से अपने ईमेल पर ट्रांसफर कर लिया , जिससे शिकायतकर्ता को इस बात की भनक भी नहीं लग सकी कि उसके खाते से पैसे गायब हो रहे हैं। हालांकि पैसे गायब होने का पता चलते ही युवक ने शिकायत दर्ज करवाई इस पर कार्रवाई करते हुए राज्य साइबर सेल ने 3.70 लाख रुपए ठग से जब्त कर लिए हैं, वहीं 1.30 लाख रुपए खाते में फ्रीज करवा दिए हैं।


