वीडियो में मारपीट करते दिख रहे जूनियर डाक्टर, फिर भी प्रबंधन नहीं कर पाया पहचान

लोकमतसत्याग्रह/सांप के काटने से युवक पुरुषोत्तम की मौत के बाद एक हजार बिस्तर अस्पताल के आइसीयू में मृतक के स्वजनों के साथ बंद कमरे में मारपीट करने वाले जूनियर डाक्टरों को अब तक चिन्हित नहीं किया जा सका है। जबकि वायरल वीडियो में जूनियर डाक्टर न केवल स्वजन को धक्का देते हुए कमरे के अंदर ले जाने के साथ मारपीट करते हुए दिख रहे हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने इन पर कार्रवाई करने के बजाय जांच कमेटी गठित कर दी। जांच का जिम्मा मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डा. सुषमा त्रिखा को सौंपा गया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सोमवार को गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा.आरकेएस धाकड़, जयारोग्य समूह के अधीक्षक डा. सुधीर सक्सेना ने मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. सुषमा त्रिखा के साथ बैठक की। बैठक में विभाग प्रमुख डा.त्रिखा ने आइसीयू में हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मरीज के स्वजनों ने पहले मारपीट की। मेडिसिन विभाग प्रमुख की बात सुनने के बाद अधिष्ठाता डा. धाकड़ ने मामले की पूरा जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट एक दिन में सौंपने को कहा गया है।

इधर जूनियर डाक्टर एसोसिएशन ने मृतक के स्वजनों पर जूडा के साथ मारपीट करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में संस्थागत एफआइआर कराने के लिए गजराराजा मेडिकल कालेज के अधिष्ठाता डा. आरकेएस धाकड़ को ज्ञापन सौंपा। साथ ही कहा कि अगर संस्थागत एफआइआर नहीं होती है तो जेडीए परिवार के रेसीडेंट को न चाहते हुए काम बंद करना होगा। ज्ञापन जेडीए अध्यक्ष नारायण हरि शर्मा के नेतृत्व में दिया गया।

यह था मामला

रविवार को चीनौर के शेखूपुरा गांव निवासी 35 वर्षीय पुरुषोत्तम बघेल को सांप द्वारा काट लिए जाने के बाद स्वजन उसे इलाज के लिए एक हजार बिस्तर अस्पताल के आइसीयू में लेकर पहुंचे थे। यहां आइसीयू में मौजूद जूनियर डाक्टरों ने पुरुषोत्तम को मृत घोषित कर करते हुए स्वजनों से पोस्टमार्टम कराने को कहा। जबकि स्वजन पुरुषोत्तम को निजी अस्पताल लेकर जाना चाहते थे। जूनियर डाक्टरों ने पुरुषोत्तम को बिना पोस्टमार्टम के ले जाने से इनकार किया इसी बात को लेकर जूनियर डाक्टर और स्वजनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद जूनियर डाक्टरों ने मृतक के भाइयों को कमरे में बंद कर जमकर पीटा।

सादा कपड़ों में नजर आए सुरक्षाकर्मी

एक हजार बिस्तर अस्पताल की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी सोमवार को सादा कपड़ों ड्यूटी पर तैनात नजर आए। दरअसल इसके पीछे की वजह मारपीट की घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों में दहशत रही। हालांकि दोपहर बाद सुरक्षाकर्मी वर्दी में ड्यूटी पर आए। अस्पताल में आए दिन होने वाली मारपीट की घटनाओं को न रोक पाने को लेकर भी सुरक्षा एजेंसी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

घटनाक्रम को लेकर अधीक्षक मेडिसिन विभागाध्यक्ष से चर्चा हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही इस तरह के विवाद को रोकने के लिए जूनियर डाक्टरों के लिए पुलिस एक्सपर्ट का एक सेमीनार कराया जाएगा।

डा. आरकेएस धाकड़, अधिष्ठाता, जीआरएमसी

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