बांध और वाटरफाल से रहे दूर लगातार हो रहे हैं हादसे

लोकमतसत्याग्रह/शहर में बारिश से मौसम सुहाना है। इस समय प्राकृतिक सौंदर्य लोगों का मन मोह लेता है। हरी भरी पहाड़ियां, इनके बीच में से बहता स्वच्छ जल। यही वजह है- मानसून में लोग पिकनिक मनाने के लिए जाते हैं। शहर के आसपास स्थित पिकपिक स्पाट पर खूब भीड़ हो रही है। यहां लोग समूह में जा रहे हैं। लोग परिवार, दोस्त, रिश्तेदारों के साथ घूमने जा रहे हैं, लेकिन इस समय सबसे हादसे भी खूब हो रहे हैं, इसलिए सावधान रहने की जरूरत है।

बांध और वाटरफाल पर अचानक पानी का स्तर बढ़ रहा है। बहाव पहले से तेज है, ऐसे में लगातार हादसे हो रहे हैं। अगर आप भी पिकनिक मनाने जा रहे हैं तो पानी से तौबा करें। अगर पानी में जाना ही है तो ऐसा सुरक्षित स्थान चिह्नित कर लें, जहां कोई खतरा न हो। ग्वालियर में ही तीन हादसे हो चुके हैं। इसमें दो लोगों की मौत तिघरा बांध और एक युवक की मौत नलकेश्वर मंदिर के नीचे स्थित कुंड में डूबने से हो गई।

तिघरा बांध

तिघरा का जलस्तर बढ़ रहा है। बारिश से जलस्तर बढ़ा है। तिघरा के पिछले हिस्से में गहराई अधिक है। यहां अक्सर लोग नशा करने के बाद पानी में उतरते हैं। पिछले हिस्से में पुलिस भी नहीं पहुंचती, इसलिए यहां लोग पानी में डूब जाते हैं। इसी साल यहां दो हादसे हुए हैं। यहां बोट क्लब के पास एंजाय करना सबसे सुरक्षित है। यहां लाइफ गार्ड भी रहते हैँ।

नलकेश्वर कुंड

नलकेश्वर मंदिर के पास वाटरफाल है। वाटरफाल से इस समय पानी तेजी के साथ कुंड में गिर रहा है। कुंड की गहराई भी करीब 100 फीट है। यहां चेतावनी बोर्ड भी लगे हैं। इन पर पानी में न उतरने की चेतावनी लिखी है, लेकिन लोग फिर भी पानी में उतर जाते हैं। कुंड अधिक गहराई होने से अधिक खतरनाक भी है।

सुल्तानगढ़ फाल

ग्वालियर और शिवपुरी की सीमा पर स्थित सुल्तानगढ़ वाटरफाल सबसे ज्यादा खतरनाक है। यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम ही नहीं हैं। पहाड़ों के बीच अचानक पानी का बहाव तेज होता है और लोग सीधे नीचे कुंड में जाकर गिरते हैं। यहां कई बार हादसे हो चुके हैं। यहां स्वतंत्रता दिवस पर भी हादसा हुआ था।

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