कलेक्ट्रेट-जिला न्यायालय क्षेत्र: ये जितना पाश है उतने बढ़ रहे अवैध निर्माण, निगम अफसर “चुप”

 लोकमतसत्याग्रह/न्यू सिटी सेंटर में कलेक्ट्रेट के पास जब से जिला न्यायालय का नया भवन शुरू हो गया है तभी इस पूरे क्षेत्र में गुपचुप अवैध निर्माणों का खेल शुरू हो गया है। यहां जमीन के रेट आसमान पर हैं और कोर्ट-कलेक्ट्रेट के कारण लोगों का आवागमन भी बड़ी संख्या में है। यही कारण है कि जिला न्यायालय व कलेक्ट्रेट के आसपास दुकानों, गुमटी से लेकर छोटे-छोटे अवैध निर्माण सामने हैं। पंजीयन कार्यालय के सामने सर्विस प्रोवाइडरों की दुकानें सरकारी जमीन पर बनी होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है लेकिन नगर निगम के अधिकारी चुप्पी साधकर बैठे हैं। पहले देखते ही देखते अवैध निर्माण हो जाता है और फिर बाद में निगम जागता है।

बता दें कि कुछ समय पहले ही जिला न्यायालय के भवन का शुभारंभ किया गया है और यहां न्यायालय शुरू भी हो चुका है। न्यायालय शुरू होते ही इसके सामने अवैध अतिक्रमण हो गया था जिसे प्रशासन ने हटवाया था। कुछ दिनों पहले ही कलेक्टर ने पंजीयन कार्यालय का निरीक्षण किया था जिसमें यह बात सामने आई कि सर्विस प्रोवाइडरों की जहां दुकानें बनी हैं उसकी जांच की जाए। तहसीलदार ने जमीन की जांच की तो वह सरकारी सर्वे नंबर निकला है। अब इस पूरे क्षेत्र की जांच प्रशासन करा रहा है।

कलेक्ट्रेट जिला न्यायालय के आसपास निर्माणों को लेकर संबंधित अधिकारियों से हम जांच कराएंगे। प्रशासन के अधिकारियों से भी चर्चा की जाएगी।अमन वैष्णव, आयुक्त नगर निगम। कलेक्ट्रेट पंजीयन कार्यालय के आसपास की जमीनों सर्वे नंबरों की जांच की जा रही है। कुछ सरकारी सर्वे नंबर चिह्नित भी किए गए हैं, जहां निर्माण मिला है। विस्तृत जांच की जा रही है।

अनिल राघव, तहसीलदार,सिटी सेंटर,ग्वालियर।

कलेक्ट्रेट से लेकर जिला न्यायालय के आसपास अवैध निर्माणों को लेकर नगर निगम से जानकारी ली जाएगी। उनकी भवन अनुज्ञाओं को लेकर रिपोर्ट लेंगे। आसपास के सर्वे नंबरों की जांच कराई जा रही है।

रुचिका चौहान, कलेक्टर।

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