लोकमत सत्याग्रह /ग्वालियर। शुक्रवार को कांग्रेस ने किसान न्याय यात्रा निकाली। कांग्रेस व किसान नेताओं ने सैकड़ों किसानों के साथ ट्रैक्टरों पर सवार होकर फूलबाग मैदान से यात्रा प्रारंभ की, जो कलेक्ट्रेट पहुंचकर समाप्त हुई। कलेक्ट्रेट पर कांग्रेसियों ने जमकर प्रदर्शन कर एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस की न्याय यात्रा के कारण सड़कों पर जाम के हालात बन गए थे। कांग्रेसियों ने न्याय यात्रा के दौरान भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। यात्रा का नेतृत्व पूर्व मंत्री एवं विधायक सचिन यादव, राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह और विधायक डा. सतीश सिकरवार ने किया।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को प्रदेश में किसान न्याय यात्रा का आवाहन किया था। इसी को लेकर शुक्रवार को पूरे प्रदेश के साथ ग्वालियर में भी कांग्रेसियों ने किसान न्याय यात्रा का आयोजन किया। न्याय यात्रा में शामिल कांग्रेस नेताओं का कहना था कि भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकार ने किसानों के साथ वादाखिलाफी की है। केन्द्र सरकार बार-बार किसानों की आय दोगुना करने की बात कहकर झूठ बोल रही है। दोपहर 12 बजे कांग्रेसी ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ फूलबाग पर एकत्रित हुये और यहां से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। कांग्रेस द्वारा जिला मुख्यालय में लगभग 100 ट्रैक्टरों के साथ किसान न्याय यात्रा निकाली गई। कांग्रेस की न्याय यात्रा के कारण शहर की सड़कों पर जाम भी लग गया। न्याय यात्रा में बड़ी संख्या में किसान भी 100 ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे थे। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर कांग्रेसियों ने किसानों के साथ जमकर प्रदर्शन किया और किसानों की मांगों को लेकर और सरकार ने किसानों से जो वादाखिलाफी की है उसके संबंध में एक ज्ञापन दिया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार वादाखिलाफी कर रही है। ग्वालियर पूर्व विधानसभा से कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार ने बताया कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने किसानों से आमदनी दोगुनी करने का झूठ बोला है।
किसान न्याय यात्रा में पूर्व मंत्री सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भगवान सिंह यादव, पूर्व मंत्री बालेन्दु शुक्ल, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री लतीफ खां मल्लू, प्रेम सिंह कौरव, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव रवि चैकोटिया, पार्षद आसिफ अली, नगर पाल, श्रीकांत धाकड़, कार्यकारी जिलाध्यक्ष महाराज सिंह पटेल, ग्रामीण अध्यक्ष प्रभुदयाल दौहरे सहित सैकड़ों कांग्रेसी एवं किसान शामिल थे।


