मजहर खान के मुर्गी फॉर्म में बन रहा था बम्लेश्वरी माता के मंदिर का ‘श्री भोग प्रसाद’, छापे में कई खुलासे, बम्लेश्वरी माता के मंदिर में सप्लाई होते हैं पैकेट!

भरत सिंह परमार : 27 – सितम्बर- 2024

लोकमत सत्याग्रह/ छत्तीसगढ़ राज्य की आराध्य माता मां बम्लेश्वरी देवी जो राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ शहर में विराजती है. मां बमलेश्वरी मंदिर का इतिहास तो वैसे काफी प्राचीन है. डोंगरगढ़ को पहले कामाख्या नगरी के नाम से भी जाना जाता था. माता के डोंगरगढ़ में 2 मंदिर हैं. ऊपर पहाड़ों में स्थित मां बमलेश्वरी और नीचे में माता का दूसरा मंदिर जिसे छोटी बमलेश्वरी के नाम से जाना जाता है.

खाद्य विभाग की टीम ने एक पोल्ट्री फॉर्म में छापा मारा है। इसमें एक बड़ा खुलासा हुआ है। छापेमारी के दौरान पोल्ट्री फॉर्म में श्री भोग प्रसाद के पैकेट मिले हैं। यह पैकेट बम्लेश्वरी देवी मंदिर परिसर में संचालित दुकानों के लिए सप्लाई किया जाता है। खाद्य विभाग की टीम ने पैकेट को सीज कर दिया है।

गुरुवार को खाद्य विभाग की टीम जब यहां पहुंची तो यहां मां बम्लेश्वरी मंदिर में बंटने वाले प्रसाद के बड़े पैमाने में पैकेट मिले। इसके साथ ही मुर्गी पालन पोल्ट्री फॉर्म संचालक द्वारा भोग प्रसाद इलायची दाना बनाया जा रहा था। जांच के दौरान पता चला कि करीब 5000 स्क्वायर फीट के कैंपस में पोल्ट्री फॉर्म के साथ ही प्रसाद बनाने की फैक्ट्री संचालित होती है। इसे ‘श्री भोग प्रसाद’ के नाम से बनाया जा रहा था। यह प्रसाद मां बम्लेश्वरी देवी के दर्शन करने वाले भक्त खरीदते हैं इसकी सप्लाई मंदिर के पास दुकानों में होती है।

ज्ञात हो की मंदिर का संचालन सरकारी नियंत्रण के तहत एक पब्लिक ट्रस्ट करता है. जिसका चुनाव प्रत्येक 3 वर्ष में संपन्न होता है. वर्त्तमान में ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल हैं ,

मजहर खान है पोल्ट्री फॉर्म का संचालक जहाँ बन रहा था प्रसाद .

बताया जा रहा है कि मुर्गी फार्म का संचालक मजहर खान है। जिस पैकेट में ये इलायची दाना बेचा जा रहा था उसमें लिखा है इसे ‘साफ एवं पवित्र वातावरण में निर्मित’ किया गया है। जहां प्रसाद बनाया जा रहा है वहां मुर्गी पालन , अंडे निकालना, और मुर्गियों को मांस -के लिए बेचने का भी काम होता है। खाद्य विभाग की टीम ने इलायची दाना के सैंपल लिए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में खाद्य विभाग के अधिकारियों को इलायची दाना निर्माण से जुड़ी कोई भी अनुमति के दस्तावेज नहीं मिले हैं।

वहीं, फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों का दावा है कि पोल्ट्री फार्म उसी परिसर में है, लेकिन वहां काम करने वाले मजदूर अलग है। डोंगरगढ़ के जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डोमेन धुर्वे ने इसकी पुष्टि की है कि पोल्ट्री फार्म में इलायची दाना बनाया जा रहा था और बड़ी मात्रा में प्रसाद के पैकेट बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि संचालित फैक्ट्री का पंजीयन नहीं है। साथ ही पैकेजिंग में बड़ी गड़बड़ी दिखी है। इसमें मानक, तिथि, बैच नंबर भी अंकित नहीं है

छत्तीसग़ढ सरकार ने जारी किया है अलर्ट.

आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में मिलावटी प्रसाद मिलने के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार अलर्ट मोड पर है। प्रदेश सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की थी जिसमें देवभोग के घी का ही उपयोग प्रसाद बनाने में किया जाना अनिवार्य किया गया है।

हालाँकि ,मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ने कहा- किसी संस्था का प्रसाद नहीं चढ़ता है

बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति डोंगरगढ़ के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के अनुसार – मां बम्लेश्वरी मंदिर में चढ़ने वाले प्रसाद का किसी प्रकार से कोई टेंडर नहीं दिया जाता है। यहां ऐसा कोई नियम नहीं है कि किसी एक ही संस्था या फैक्ट्री का बना हुआ प्रसाद आएगा और वही चढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा की यहां भक्तों द्वारा चढ़ाये गये नारियल को ही प्रसाद स्वरूप बांटा जाता है।

विवादित रहा है बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति का प्रबंधन.

बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति डोंगरगढ़ के अध्यक्ष ,मनोज अग्रवाल के घर पिछले दिनों छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग घोटाले की जाँच के दौरान ED का छापा भी पड़ा था। छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग घोटाला भूपेश बघेल सरकार के दौरान ली गयी डेढ़ सौ करोड़ की रिश्वत की जांच से सम्बंधित है जिसकी जांच के तहत छतीसग़ढ राइस मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर जो की पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश भघेल के करीबी माने जाते है को पिछले साल ED ने गिरफ्तार किया था ,मां बम्लेश्वरी देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल पर रोशन चंद्राकर से सम्बंधित होने के कारण ED द्वारा छापेमारी की गयी थी।

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