जीतेन्द्र ओझा / भितरवार
लोकमत सत्याग्रह/भितरवार। वार्ड 10 में नया बस स्टैंड स्थित जीवन क्लिनिक में रविवार को 15 से 65 वर्ष तक की महिलाओं और किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर अग्रसेन महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में अग्रवाल वैश्य समाज के सहयोग से लगाया गया। शिविर का शुभारंभ प्रायवेट प्रेक्टिसनर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ राधेलाल अग्रवाल ने किया।इस मौके पर अग्रवाल समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डॉ राधेलाल अग्रवाल ने अग्रवाल समाज की पहल सराहनीय है ।
ग्रामीण परिवेश में महिला संबंधी रोगों को लेकर जागरूकता का अभाव होने के कारण बीमारी जानलेवा साबित हो जाती है महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग नहीं रहती। कोई भी बीमारी हो वह इसे छुपाती हैं और अपने पति और बच्चों के प्रति ही ज्यादा संवेदनशील रहती हैं। जब बीमारी काफी आगे बढ़ जाती है तब स्थिति गंभीर हो जाती है ऐसे स्वस्थ्य परीक्षण शिविर के माध्यम से महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ होगा।सर्वाइकल कैंसर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में ग्वालियर से पधारी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ स्वाति नवनीत अग्रवाल, डॉ मनीषा अग्रवाल द्वारा शिविर में महिला रोग संबंधी 95 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई डॉ स्वाति नवनीत अग्रवाल ने महिला मरीज को बताया कि 30 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर सबसे आम स्त्रीरोग संबंधी कैंसर है।महिलाओं में यह बीमारी सभी घातक बीमारियों में से तीसरे स्थान पर है।

महिलाओं की युवा आबादी में सामान्यत: पाई जाने वाली बीमारी है उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर की शुरूआती अवस्था में महिलाओं में कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं। शुरूआती अवस्था में सर्वाइकल कैंसर का पता लगने पर इसका उपचार आसान रहता है। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर के लक्षण अत्यधिक रक्त स्त्राव होना, पेशाब करते समय दर्द होना, माहवारी के साथ अत्यधिक दर्द होना, ल्यूकोरिया, महावारी समाप्त होने के बाद भी रक्त स्त्राव होना, इसके अलावा सर्वाइकल कैंसर के सामान्य लक्षण जैसे भूख कम लगना, वजन कम होना, थकान महसूस करना आदि है।इस तरह की बीमारियां महिलाएं अक्सर छुपाती हैं, जो आगे के लिए जानलेवा साबित होती है।
डॉ मनीषा अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं में कैंसर संबंधी बीमारियों का ग्राफ बड़ रहा है, जो चिंताजनक है। महिलाओं में इस तरह की बीमारी को लेकर संकोच की भावना उनके लिए जानलेवा साबित होती हैं।इस मौके पर डॉ राहुल अग्रवाल, हरिशंकर अग्रवाल, रविन्द्र अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, निर्मल अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, सहित अनेक अग्रवाल वैश्य समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे

