अधिकारी वीआइपी मूवमेंट में व्यस्त, फागिंग पड़ गई सुस्त

लोकमत सत्याग्रह /वीआइपी मूवमेंट में अधिकारियों के रहने से डेंगू पीड़ितों के यहां फागिंग करने पर नगर निगम का फोकस कम हो गया है। एक तरफ शहरवासियों की मच्छरों के आतंक से सेहत बिगड़ रही है, तो वहीं दूसरी तरफ अधिकारी फागिंग करने का दावा कर चैन की नींद सो रहे हैं। दावा है कि मच्छरों को मारने के लिए फागिंग कर दी गई है। हालात ये है कि डेंगू पीड़ितों के यहां तक फागिंग नहीं की जा रही है, जबकि लोग सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत कर चुके हैं।

उनका कहना है कि इसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। वार्ड 12 कैलाश नगर, वार्ड 18 डीडी नगर, वार्ड 60 सिटी सेंटर, मुरार क्षेत्र में डेंगू पाजिटिव निकले मरीजों के यहां 27 सितंबर को फागिंग करने नगर निगम की टीम को पहुंचना था, लेकिन अब तक इन क्षेत्रों में फागिंग करने कोई नहीं पहुंचा। इस बात का खुलासा   डेंगू पीड़ित के स्वजन ने किया। उनका कहना था कि फागिंग करने के लिए फोन जरुर किया गया, लेकिन आया कोई नहीं। ऐसे में अब फागिंग पर सवाल उठने लगे हैं। जिले में अब तक 822 डेंगू केस मिल चुके हैं।

13 बच्चों समेत 21 नए संक्रमित मिले

  • बुधवार को जीआरएमसी और जिला अस्पताल की लैब में 212 सैंपल की जांच में 13 बच्चों सहित 21 नए डेंगू संक्रमित मिले हैं। संक्रमित बच्चों का प्रतिशत 50 तक पहुंच गया है। चिकित्सक की मानें, तो बच्चे डेंगू के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। क्योंकि उनकी इम्युनिटी वयस्कों की तुलना में उतनी मजबूत नहीं होती है। इसलिए वे सबसे ज्यादा पाजिटिव निकल रहे हैं। रिपोर्ट में कुल पाजिटिव की संख्या 34 हैं, इनमें 13 दूसरे जिलों के हैं।
  • इनकी जानकारी संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को मलेरिया विभाग ने दे दी है। डेंगू संक्रमितों में दो साल से लेकर 16 साल तक के बच्चे शामिल हैं। जनवरी से लेकर अब तक कुल 11 हजार 425 सैंपल की जांच में 822 डेंगू संक्रमित मिल चुके हैं।
  • मलेरिया विभाग की सर्वे टीम द्वारा बुधवार को 6 हजार 182 घरों का सर्वे किया गया, जिनमें 396 घरों में लार्वा मिला, जिसे नष्ट कराया गया। जनवरी से अभी तक कुल 4 लाख 67 हजार 354 घरों का सर्वे किया गया है। जिनमें 16 हजार 789 घरों में लार्वा मिल चुका है।

केस एक

बहोड़ापुर क्षेत्र के वार्ड 12 कैलाश नगर में 11 वर्षीय बच्ची डेंगू पीड़ित निकली। यहां फागिंग के लिए टीम को पहुंचा चाहिए था, लेकिन पांच दिन बाद भी फागिंग के लिए नगर निगम की टीम नहीं पहुंची। यह हकीकत बच्ची के स्वजन से मोबाइल पर हुई चर्चा के बाद सामने आई।

केस दो

अटल नगर वार्ड 18 दीनदयाल नगर में 18 वर्षीय युवती डेंगू पाजिटिव निकली, लेकिन यहां भी फागिंग करने कोई नहीं पहुंचा। स्वजन का कहना था कि सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

केस तीन

5 वार्ड 60 विंडसर हिल में 17 वर्षीय किशोर डेंगू संक्रमित मिल चुका है, लेकिन पिछले चार दिन से यहां भी फागिंग नहीं हुई है। पीड़ित के स्वजन ने बताया कि फागिंग करने के लिए सिर्फ फोन आया था, लेकिन फागिंग करने कोई नहीं आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम स्प्रे करके गई है।

केस चार

मुरार क्षेत्र के केंट में 28 वर्षीय युवक की रिपोर्ट डेंगू पाजिटिव निकली। इसके बाद फागिंग के लिए नगर निगम को सक्रिय होना था, लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी यहां कोई नहीं पहुंचा। करीब 14 डेंगू पीड़ित ऐसे हैं जिनके क्षेत्रों में फागिंग करने कोई नहीं पहुंचा है।

मलेरिया विभाग हमें रिपोर्ट देता है इसके बाद हमारी टीम पहुंचती है। हो सकता है कि नंबर मिस मैच होने के कारण टीम नहीं पहुंच पाई हो, अगर ऐसा है तो संबंधित क्षेत्रों की जानकारी लेकर टीम को फागिंग के लिए भेजा जाएगा।

डा. वैभव श्रीवास्तव, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम

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