सागर PM आवास योजना के तहत बने मकानों के गिर रहे प्‍लास्‍टर, पानी की भी व्यवस्था नहींबनने के कुछ दिन बाद ही सीलिंग से प्लास्टर झड़ने लगा है। इन आवसो में रहने वालो को प्रशासन ने छोड़ा भगवान भरोसे।

लोकमत सत्याग्रह /सागर न्यूज़/ सागर के मेनपानी व कनेरा देव में सरकार ने लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रहने के लिए घर मुहैया कराए हैं।इन आवासों का आवंटन चंद महीने पहले ही हुआ था लेकिन लोगों को अभी तक बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पाई हैं।
कनेरा देव में बने पी एम आवास कालोनी का मंगलवार को जायजा लिया गया तो यहां लोग बिजली, पानी व साफ सफाई जैसी मूल भूत समस्याओं से जूझते नजर आए।लोगों का कहना है कि दो-दो लाख रुपये दे कर यह आवास मिले, लेकिन इनकी क्वालिटी इतनी घटिया है कि बनते से ही यह क्षतिग्रस्त होने लगे, जिससे मरम्मत की दरकार हो गई।किसी ने किचन तो किसी ने बालकनी पर मरम्मत कराई।
इस बात की शिकायत कई बार नगर निगम आयुक्त और कलेक्टर से भी कि गई साथ ही आवास के निवासियों ने मुख्यमंत्री हेल्प लाइन 181पर भी शिकायत की पर कोई भी कार्यवाही आज दिनांक तक नहीं हुई। साथ ही पी एम आवास बनाने वाली कंपनी mbti के हेड जयदीप बाडिया और उनके कर्मचारी जो सागर में काम देख रहे उनको भी कई कई बार समस्याओं से अवगत कराया तो उनका कहना है कि अब तो हम कुछ भी नहीं करेगे क्योंकि हमने तो कालोनी नगर निगम को सौप दी हे।
लोगों के मुताबिक पजेशन के दौरान हमें दरवाजे, खिड़कियां और बिजली को चेक कराया गया लेकिन जब हम रहने गए तो घटिया क्वालिटी की वजह से घरों के अंदर कई जगह से प्लास्टर झड़ने लगे।कई आवास ऐसे हैं, जहां से सीलिंग का प्लास्टर अपने-आप ही झड़ रहा है।ऐसे में किसी भी वक्त बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।वहीं कई घरों में बिजली फिटिंग ही ठीक नहीं की गई।

कालोनी में पानी की टंकी तो बनी है, लेकिन आज तक इससे पानी की सप्लाई नहीं हुई।एक बार ही टंकी की टेस्टिंग हुई तो यह कई जगह से लीकेज निकली, इसके बाद से सप्लाई नहीं है।वर्तमान में लोग पानी के लिए भारी परेशान हैं।यही हाल बिजली फिटिंग का है।कई ब्लाकों में तो बिजली फिटिंग के लिए पाइप ही नहीं डाले। इससे लोगों को ही सीधे तार डालने पड़े। इससे तारों में कट लगने पर बच्चे के करंट लगने की आशंका बनी रहती है।

मुख्य मार्ग को छोड़कर कहीं पर भी स्ट्रीट लाइट नहीं।
कनेरा देव की आवास कालोनी में 1270 आवास हैं।इसमें से लगभग 490 का आवंटन हो गया, लेकिन कालोनी की मुख्य लाइन को छोड़कर कहीं भी स्ट्रीट लाइट आदि की व्यवस्था नहीं की गई। शाम होते ही यहां अंधेरा हो जाता है। लोगों के मुताबिक कालोनी में चोरी की घटनाएं भी बढ़ गई। कई लोग तो छतों के दरवाजे तक उखाड़कर ले गए।इतना ही नहीं शाम के बाद यहां असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं।आवास कालोनी में कई मोटर साइकिल चोरी की ओर अन्य असामाजिक गतिविधियां भी लगातार हो रही हे।

पानी सप्लाई नहीं, टैंकर दो दिन में आता है एक बार और कंपनी का टैंकर भी पैसे लेकर पानी भरता
कनेरा आवास कालोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि कालोनी बनने पर उन्हें नल कनेक्शन करके दिया गया,इसके बाद भी तीन हजार रुपये कनेक्शन के नाम पर लिए गए।वहीं पानी सप्लाई की हालत यह है कि टंकी से पानी आता ही नहीं।दो दिन में एक बार टैंकर आता है।वो भी पैसे लेकर पानी भरते हे।उसके लिए भी लोगों को कई कई बार गुहार लगाना पड़ती है। कम से कम आठ दस बार तो कहना ही पड़ता है इसके बाद भी आठ दस दिन में नंबर लगता हे कभी कभी तो पानी का टैंकर रात को 12बजे के बाद पानी भरता है।सबसे पहले सुबह से ही लोग सभी काम काज छोड़कर कालोनी के बाहर से पानी लाते हैं।इससे हम सभी को बहुत परेशानी होती है।

*कालोनी में नहीं होती साफ सफाई

कालोनी में सफाई भी कभी नहीं होती।यहां आसपास के दर्जनों मवेशी सुबह से शाम और रात तक घूमते हैं जो जगह-जगह गोबर करते हैं।आज कल तो आवारा कुत्तों का बड़ा ही आतंक मचा हे कालोनी में कालोनी के पार्कंग की जगह तो यह स्थिति है की गोबर पड़ा होने से यह पूरा परिसर गौशाला ही नजर आती है।

*झड़ रहा प्लास्टर, हादसे की आशंका
आवास में रहने वाले मणिकांत शर्मा,राहुल तिवारी,केशव सोनी आदि लोगो का कहना है कि आवास बनने के बाद ही क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। कई आवास की सिलिंग का प्लास्टर झड़ रहा है।छतों की दीवार तो ऐसी है कि उनमें हाथ लगाते ही प्लास्टर निकलने लगता है।कई जगह घरों के आगे से प्लास्टर निकल गया है तो कई जगह आवास के पीछे से। सबसे बड़ी बात यह की यहाँ पर कोई भी सुरक्षा कि व्यवथा नहीं हे चारों ओर से कालोनी में आने जाने का रास्ता हे यानी कालोनी कवर्ड नहीं हे।
कालोनी निवासी दीपक नामदेव का कहना है कि कालोनी में पानी,साफ सफाई के साथ कोई भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।

*पानी की टंकी बनी है, लेकिन सप्लाई नहीं होती। ट्यूबवैल भी खोदा है, लेकिन वह चालू नहीं है। सुबह से उठकर सबसे पहले पानी दूर से लाना पड़ता है। कनेरा देव आवास के पास से परिवहन की सुविधा नहीं है।कोई भी पार्क नहीं बना।शाम डलते ही अंधेरा छा जाता है।स्ट्रीट लाइट जलती नहीं।

Leave a comment