नवरात्रि के अवसर पर श्री नवदुर्गा उत्सव समिति तेजाजी चैक लाबरिया केतत्वाधान मे नगर पत्रकार संघ लाबरिया द्वारा आयोजीत अभा विराट कवि सम्मेलन मे काव्य प्रेमीयो को मंत्र मुग्ध कर दिया। लंबे समय बाद क्षैत्र मे हुये कवि सम्मेलन के आयोजन मे बडी संख्या मे काव्य प्रेमी उमड पडे। रात्रि 9 बजे आरंभ हुआ

लोकमत सत्याग्रह /जिला ब्यूरो विजय द्विवेदी
कवि सम्मेलन रात्रि मे 3 बजे तक धारा प्रवाह चलता रहा। देश के ख्यातनाम कवियो ने एक से बढकर एक कविताये पढी तो हास्य,वीर एंव श्रंगार रस के कवियो ने भी अपनी प्रस्तुतीयो से काव्य प्रेमीयो को बांधे रखा।
आयोजन मे मुख्य अतिथी पुर्व उद्योग मंत्री राज्यवर्धनसिंह दत्तीगांव थे। विशिष्ट अतिथी क्षैत्रीय विधायक प्रताप ग्रेवाल थे। अध्यक्षता धार जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष पंडित छोटु शास्त्री ने की। वही विशेष अतिथी के तौर पर भाजपा किसान मोर्चा जिला मंत्री रामेश्वर चैधरी,जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधी देवा सिंगार,सरपंच प्रतिनिधी रमेश ओसारी थे। सर्वप्रथम अतिथीयो ने माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एंव द्विप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का आरंभ किया। अतिथीयो का स्वागत नगर पत्रकार संघ के धरमचंद दय्या,रमेश गोठवाल,विशाल जैन,अशोक नायमा, आरिफ शेख, लोकेंद्र सिंह सोलंकी,शंकरलाल मारू,गोकुल प्रसाद जायसवाल,श्रीराम वागडी,महेन्द्र मारू,बबलु शर्मा,अनिल जैन,मैना बाई मारू,दिनेश चौधरी,मोहन पुरोहीत, आदि ने किया।
पुर्व उद्योग मंत्री राज्यवर्धनसिंह दत्तीगांव,विधायक प्रताप गे्रवाल एंव पंडित छोटु शास्त्री ने आयोजन के लिये नगर पत्रकार संघ के पदाधिकारीयो को बधाई देते हुये कहा की इस तरह के सामाजीक दायित्वो का निर्वहन कर पत्रकारो ने अच्छा कार्य किया है।
आयोजन के दौरान सभी अतिथीयो एंव कवियो का सम्मान किया गया एंव राष्टीय कवि जानी बैरागी का नागरिक अभिंनद कर प्रशस्ती पत्र भेंट किया गया।
कवियत्री मोनिका हटीला ने प्यार दे दुलार दे ,माॅ तु सदविचार दे नमामी देवी शारदे की प्रस्तुती देकर कवि सम्मेलन का विधीवत आरंभ किया।
इसके बाद मालवी के हास्य कवि नरेन्द्र नखेत्री ने अपने चिर परिचत अंदाज मे मालवी की हास्य कविताओ से श्रोताओ को हंसाया। टीवी कलाकार लक्ष्मण नेपाली ने भी अपने हास्य की दावत देकर महफिल मे शमा बांध दिया। लक्ष्मण नेपाली ने जब-जब कागज पर लिखा माॅ का नाम,कलम अदब से कह उठी हो गये चारो धाम पढकर श्रोताओ की तालीय बटोरी।
श्रंगार रस की कवियत्री प्रो.शुभम त्यागी ने सपने बुनने लगी तेरी चाह मे,मै सवरने लगी तेरी याद मे गीत गाकर श्रोताओ को श्रंगार रस की कविताओ से बांधे रखा।
वही वीर रस के कवि संजय शुक्ला ने मोल क्या समझेगा जिसने चुकाया नही,दर्द वह क्या जानेगा जिसने बहाया नही,कायरता जिन चेहरो का सिंगार करती है,मक्खी भी उन चेहरो पर बैठने से इंकार करती है जैसी वीर रस की कविताये सुनाकर श्रोताओ मे वीरता का अलख जगाया।
मारवाड से आये मनोज गुर्जर ने भी मालवी एंव मारवाडी हास्य के व्यंगयो के द्वारा श्रोताओ को गुद गुदाकर खुब दाद बटोरी।
कवियत्री मोनिका हटीला ने प्यार मोहब्बत की बात करती हुॅ,दिल तोडने की नही दिल जोडने की बात करती हुॅ। बंद पलके ना खुले,लब ना हिले,बात न हो,ऐसा मिलने से अच्छा तो मुलाकात न हो। उसकी मुठ्ठी मे जान होती है जिसकी बेटी जवान होती है,जिधर हाथ दो चली जाती है बेटीया बेजुबान होती है। कविता पढकर बेटीयो के महत्व को बताया। कवि प्रवीण अत्रे ने भी मालवी एंव निमाडी के हास्य पैराडी से श्रौताओ को गुदगदाया ता महफील मे रंग राष्ट्रीय कवि जानी बैरागी के आने के बाद जमा करीब 1.30 बजे मंच पर जानी बैरागी के आते ही श्रोताओ ने ताली बजाकर अभिवादन किया कवि बैरागी की हास्य व्यंग्य पर मंत्रमुग्ध हो गये हास्य की जो दावत जानी बैरागी ने करीब 1 घंटे तक श्रोताओ को परोसी वह काबीले तारीफ थी।
वही वेदव्रत वाजपेई ने आखिर कब तक देश जलेगा उग्रवादियों की भट्टी मे ,ये धरती कमजोर नही पानी इसका बलिदानी है। जैसी कविता पढकर श्रोताओ को देशभक्ति से ओत प्रोत कर दिया। देर रात करीब 3 बजे कवि सम्मेलन का समापन हुआ। अंत मे आभार पत्रकार विशाल जेन ने व्यक्त किया।
फोट़ो केप्पशन लाबरिया।। कवि जानी बैरागी का सम्मान करते हुए का।

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