लोकमत सत्याग्रह /ग्वालियर में थोक आतिशबाजी कारोबार की दुकानें बंद होने से फुटकर आतिशबाजी विक्रेताओं से लेकर कई लोग अब बाहर से आतिशबाजी ला रहे हैं। झांसी, आगरा सहित आसपास के जिलों से लोग आतिशबाजी ला रहे हैं। ग्वालियर के अलावा अंचल में कहीं भी थोक आतिशबाजी का कारोबार बंद नहीं है, प्रशासन ने जांच भी पूरी कर ली है।
जल्द ही अब थोक आतिशबाजी का कारोबार खोला जाना चाहिए, जिससे लोगों को आतिशबाजी समय पर मुहैया हो सके। वरना आतिशबाजी के अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। यह पीड़ा है ग्वालियर के थोक आतिशबाजी कारोबारियों की, जिन्होंने प्रशासन से जल्द कारोबार को खोलने की मांग की है। यहां बता दें कि हरदा हादसे के बाद सबक लेते हुए प्रशासन ने आतिशबाजी कारोबार की जांच करने के बाद ग्वालियर के थोक आतिशबाजी कारोबार के सभी लाइसेंसों को निलंबित कर दिया था।
गिरवाई में थोक आतिशबाजी कारोबार के 14 लाइसेंसी प्रतिष्ठान व गोदाम हैं। वहीं ट्रांसपोर्ट नगर में भी सात फर्मों को निलंबन के लिए नोटिस जारी किया गया था। गिरवाई का थोक आतिशबाजी कारोबार अब घनी आबादी में आ गया है, इस बिंदु के चलते भी प्रशासन ने यह कार्रवाई की थी। अब हाल में दोबारा प्रतिष्ठानों की जांच व स्टाक को खाली कर पैकिंग कराई गई है। प्रशासन के अनुसार लाइसेंस शर्तों के अनुसार ही दुकानों को खोला जा सकेगा।
दीपावली का त्यौहार नजदीक आ चुका है अभी तक हम काफी प्रतिशत कारोबार कर लेते थे, लोग बाहर से आतिशबाजी ला रहे हैं। इससे कई लोगों का रोजगार जुड़ा होता है। जांच पूरी हो चुकी है अब प्रशासन को जल्द दुकानें खोलना चाहिए जिससे हमारा कम ही नुकसान हो।
गिर्राज अग्रवाल, थोक आतिशबाजी कारोबारी


