लोकमत सत्याग्रह
ढाका जिसका नाम ही ढाकेश्वरी देवी के नाम पर है परन्तु हिन्दुओं का दशकों से उत्पीड़न ,आक्रमणों , और नरसंहार के कारण आज हिन्दू समाज इस क्षेत्र में भी अल्पसंख्यक हो चुका है। और माँ काली की शोभा यात्रा निकलना भी अब यहाँ लगभग असंभव हो चुका है।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हो चुके हिन्दुओं का ढाकेश्वरी देवी शक्तिपीठ के पास भी हो रहा नस्लीय उत्पीड़न
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर होने वाले हमलों में लगातार नई-नई घटनाएं जुड़ती जा रही हैं अभी बांग्लादेश से पुरानी ढाका क्षेत्र में हिंदुओं की शोभायात्रा पर पहले मुस्लिम भीड़ द्वारा पथराव किया गया और उसके बाद सेना और पुलिस द्वारा यात्रा में शामिल लोगों पर लाठीचार्ज किया गया जिसमे 100 से अधिक हिंदुओं को घायल होने की सुचना है.
द डेली स्टार समाचार पत्र के मुताबिक, यह हमला तब हुआ जब हिंदू समुदाय के लोग बुरीगंगा नदी में दुर्गा मूर्तियों का विसर्जन करने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मुस्लिम भीड़ ने बाजार की छत से अचानक ईंट और पत्थरों से हमला किया।इस हिंसक कृत से विसर्जन जुलूस में शामिल लोग घबरा गए,
हालात बेकाबू होता देख जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने हमलावरों से निपटने की कोशिश की और बाजार में प्रवेश करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उनको बीच में रोक दिया और उन पर ही लाठी चार्ज कर दिय।
बांग्लादेश का हिंदू समुदाय पिछले 75 सालों से समय-समय पर इस तरह की हिंसा का सामना कर रहा है दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक त्योहारों के दौरान खासतौर पर हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जाता है ,
लगातार उत्पीड़न, हिंसा ,अपहरण ,बलात्कार , नरसंहार और सामाजिक बहिष्कार से हिन्दू समुदाय लगातार जनसंख्या में कम होता जा रहा है , भारत के बटवारे के समय जहां हिन्दुओं की जनसंख्या पच्चीस प्रतिशत थी वो घटते घटते दो प्रतिशत पर आ गयी है ,
हालांकि बांग्लादेश सरकार ने इस तरह की घटनाओं की निंदा की है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की बात कही है लेकिन फिर भी लगातार ऐसे हमले हो रहे है।


