सेवाओं में कमी या खरीदारी में ठगा महसूस करें तो घबराएं नहीं ,उपभोक्ता फोरम में दर्ज करवाएं शिकायत

लोकमत सत्याग्रह / त्योहारी सीजन में आम दिनों की अपेक्षा खरीदारी का आंकड़ा बढ़ ही जाता है। खरीदारी हर तरह की हो सकती है, चाहे घरेलू सामान हो या कीमती गहनों की, फ्लैट-मकान या गाड़ी की। लेकिन कई बार खरीदारी के दौरान व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि उसके साथ विक्रेता ने ठगी की है। उसे सामान की गुणवत्ता में कमी लग सकती है या फिर हो सकता है कि वस्तु की कीमत को लेकर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा हो।

भवन -फ्लैट आदि की खरीदारी में भी कई बार समस्याओं का सामना करना पड़ जाता है। ऐसे में अगर समझ नहीं आ रहा कि करना क्या है, तो घबराएं नहीं। सीधा उपभोक्ता फोरम में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। किसी भी प्रकार की सेवाओं में कमी, अधिक रेट पर वस्तु बेचने का प्रयास या फिर गुणवत्ता में कमी होने के मामले में उपभोक्ता फोरम आपकी शिकायत का निराकरण करती है।

इसमें शिकायत दर्ज करवाने के लिए व्यक्ति आनलाइन और आफ लाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकता है। शिकायत दर्ज करवाने के लिए जरूरी नहीं है किसी वकील का ही सहारा लेना पड़े, आप स्वयं ही अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। बता दें दोनों की स्थिति में शिकायत धारा 35 के अंतर्गत दर्ज होगी।

ऐसे करें आफलाइन शिकायत

किसी विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के लिए आपको आनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है। इसमें आपको अपने जिला उपभोक्ता फोरम पर जाकर अपनी शिकायत लिखित रूप से दर्ज करवाना होगी। इसके लिए शिकायतकर्ता को खुद अपना पहचान पत्र लेकर फोरम जाना होगा। जहां वह बिना वकील की मौजूदगी के भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता हैं।

आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समझें

अगर आप अपनी शिकायत को आनलाइन दर्ज करना चाहते हैं तो आपको https://edaakhil.nic.in/ वेबसाइट पर जाकर अपना खाता पंजीकृत करना होगा।

खाता पंजीकृत होने के बाद फिर आप इसी वेबसाइट के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

एनसीएच और उमंग मोबाइल एप की सहायता से भी उपभोक्ता अपनी शिकायत को दर्ज करवा सकते हैं।

शिकायत दर्ज करवाने के बाद आवेदक को शिकायत से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड़ करना होंगे।

एक बार शिकायत दर्ज हो जाने के बाद आवेदन को एक नंबर मिल जाता है जिसकी सहायता से आवेदक अपनी शिकायत को ट्रेस कर सकता है।

बारकोड स्कैन कर संपर्क करें:

उपभोक्ता फोरम में आवेदन प्रक्रिया और किसी प्रकार की जानकारी पाने के लिए बारकोड भी उपलब्ध करवाया गया है। इस बारकोड को स्कैन करने के बाद आपके फोन में एक चैट बाक्स खुल जाएगा। यहां आप अपने सवालों के समाधान के साथ अपनी शिकायत से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

उपभोक्ता न्यायालय का क्षेत्राधिकार समझें :

जिला स्तरीय उपभोक्ता न्यायालय: उपभोक्ता एक करोड़ रुपये तक के लेनदेन के लिए जिला स्तरीय कंज्यूमर फोरम में संपर्क कर सकते हैं।

राज्य स्तरीय उपभोक्ता न्यायालय: राज्य स्तरीय उपभोक्ता फोरम में एक करोड़ से 10 करोड़ रुपये के बीच लेनदेन के लिए हैं।

राष्ट्रीय उपभोक्ता न्यायालय: लेनदेन मूल्य 10 करोड़ रुपये से अधिक होने पर उपभोक्ता राष्ट्रीय उपभोक्ता न्यायालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

संतुष्ट नहीं तो अपील का भी प्रविधान:

कोई उपभोक्ता जिला फोरम द्वारा लिए गए निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो वह राज्य आयोग में अपील कर सकता है।

उपभोक्ता राज्य आयोग द्वारा लिए गए निर्णय से असंतुष्ट है तो वह राष्ट्रीय आयोग में अपील कर सकता है।

कोई उपभोक्ता राष्ट्रीय आयोग द्वारा लिए गए निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो वह अपील के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है।

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