दो पाली में कलर कोडिंग से चले ई-रिक्शा, बिना पंजीयन वाले प्रतिबंधित

लोकमत सत्याग्रह/ग्वालियर के ट्रैफिक को सुधारने की कड़ी में ई-रिक्शों को व्यवस्थित करने की पहल रविवार को सड़क पर उतर आई। दो पाली में कलर कोडिंग के अनुसार दो पालियों में ई- रिक्शा चलाने की व्यवस्था लागू कर दी गई है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने ई-रिक्शों को लेकर कार्ययोजना तैयार कराई थी जिसके तहत 6000 ई-रिक्शों की कलर कोडिंग हो चुकी है।

कलर कोडिंग नियम का पालन कर चल रहे ई-रिक्शा चालकों का यातायात पुलिस द्वारा फूल माला पहनाकर व पुष्प भेंटकर अभिनंदन किया गया। साथ ही जो रिक्शा चालक कलर कोडिंग नियम का पालन नहीं कर थे, उन्हें समझाइश दी गई कि नियम का पालन कर शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोगी बनें। पुलिस धीरे-धीरे सख्ती बरतेगी, पहले प्राथमिकता व्यवस्था को पूर्णत: लागू कराना है। बता दें कि ई-रिक्शों के लिए पालियों का निर्धारण पर्ची डालकर अर्थात लाटरी पद्धति से किया गया है।

इससे तय हुआ कि नीले कलर कोडिंग वाले ई-रिक्शे सुबह तीन से दोपहर तीन बजे तक चलेंगे और पीले कलर कोडिंग वाले रिक्शे दोपहर तीन से सुबह तीन बजे तक शहर में चलेंगे। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि रिक्शा चालकों को व्यवसाय का समान अवसर मिल सकें। इस बात को ध्यान में रखकर दो माह बाद अर्थात आगामी 20 दिसंबर को ई-रिक्शों की पालियां बदली जाएंगीं। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि जिन ई-रिक्शों का पंजीयन और कलर कोडिंग नहीं हुई है शहर में ऐसे रिक्शों को चलाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे रिक्शे मिलने पर जब्त कर थाने भेजे जाएंगे।

शहर में अनियंत्रित चल रहे थे ई रिक्शा, इसलिए बनाया प्लान

शहर में अनाधिकृत आंकड़ा देखा जाए तो ई-रिक्शों की संख्या 16 हजार से ज्यादा पहुंच गई है। परिवहन विभाग और पुलिस के अनुसार ई-रिक्शों की संख्या 10 हजार के लगभग है। ऐसे में यह संख्या लगातार बढ़ रही है। ई-रिक्शों को बेतरतीब ढंग से चलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन की यह पहल है। अब दो पालियों में चलने से भीड़ कम दिखेगी और यातायात पर असर कम होगा।

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