आरक्षित ट्रेनों के LSLRD कोचों की सीटें भी होंगी आरक्षित, यात्रियों को मिलेगी राहत

लोकमत सत्याग्रह/ पूरी तरह से आरक्षित ट्रेनों जैसे दुरंतो एक्सप्रेस की एलएसएलआरडी कोचों की सीटें अब आरक्षित होंगी। रेलवे बोर्ड ने इन कोचों को स्लीपर श्रेणी में रखने का निर्णय लिया है। दिव्यांगजनों और उनके सहचर के लिए चार सीटें आवंटित की जाएंगी जबकि शेष सीटें जनरल चेयर कार के रूप में आरक्षित की जाएंगी। जनरल श्रेणी के यात्रियों को भी कन्फर्म सीटें मिलेंगी और सीटों को लेकर धक्कामुक्की नहीं होगी।

 दुरंतो एक्सप्रेस जैसी पूरी तरह आरक्षित ट्रेनों (राजधानी, शताब्दी और हमसफर आदि) ट्रेनों के एलएचबी सेकेंड लगेज गार्ड एंड दिव्यांग कंपार्टमेंट (एलएसएलआरडी) कोचों की सीटें भी आरक्षित होंगी। एलएसएलआरडी कोचों की सीटें भी आरक्षित कोचों की तरह बुक होंगी। इससे यात्रि‍यों को राहत मिलेगी

  1. स्लीपर की श्रेणी में रखे जाएंगे कोच, दिव्यांगजन व उनके सहचर के लिए आवंटित होंगी चार सीटें

रेलवे बोर्ड ने इन कोचों को भी स्लीपर (शयनयान) श्रेणी में रखने का निर्णय लिया है। इन कोचों में दिव्यांगजन और उनके सहचर के लिए चार सीटें आवंटित की जाएंगी। शेष सीटें सामान्य यात्रियों को जनरल चेयर कार (टू एस) के रूप में आरक्षित की जाएंगी।

2. शेष सीटें सामान्य यात्रियों को टू एस के रूप में होंगी आरक्षित, खानपान की उपलब्ध होगी सुविधा

अन्य कोचों की भांति एलएसएलआरडी में भी खानपान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे बोर्ड के इस फैसले से आरक्षित ट्रेनों में जनरल श्रेणी के भी 30 से 40 यात्रियों को कन्फर्म सीटें मिल जाएंगी। सीटों को लेकर धक्कामुक्की नहीं होगी।

3. डीडी-1 और डीएल-1 के रूप में होगी कोचों की पहचान, स्लीपर श्रेणी के रूप में ही लगेगा किराया

रेलवे बोर्ड के निदेशक (यात्री विपणन- सेकेंड) संजय मनोचा ने सभी क्षेत्रीय रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों (पीसीसीएम) को चिट्ठी लिखकर इस व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।

रेलवे बोर्ड के निदेशक ने पत्र के माध्यम से एलएसएलआरडी कोचों में भी यात्रियों को आरक्षित स्थान उपलब्ध कराने तथा खानपान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है। ताकि, यात्रियों को निर्धारित सीट के साथ खाने-पीने का सामान भी उपलब्ध हो सके।

नई व्यवस्था के अनुसार एलएसएलआरडी कोचों में दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित चार सीटों वाले हिस्से में दो नीचे वाली सीटें दिव्यांगजनों के लिए तथा दो ऊपर वाली सीटें उनके सहचरों के लिए आवंटित होंगी। इन कोचों की पहचान डीडी-1 के रूप में होगी।

30/31 या अधिक सीट वाले दूसरे हिस्से को सामान्य यात्रियों के लिए निर्धारित किया जाएगा। इस कोच की पहचान डीएल-1 के रूप में होगी। दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित एलएसएलआरडी कोचों को स्लीपर श्रेणी में रूप रखा जाएगा। सामान्य यात्रियों को टू एस के रूप में सीटों की बुकिंग की जाएगी।

इन सीटों का किराया स्लीपर श्रेणी के रूप में ही वसूला जाएगा। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों के एलएसएलआरडी कोचों में भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी। एलएसएलआरडी कोच के आधे हिस्से में गार्ड यान होता है। आधा हिस्सा दिव्यांगजन या महिलाओं के लिए आरक्षित होता है।

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