भगवाधारी मुख्यमंत्री के राज्य में भगवा का अपमान

रामगोपाल मिश्रा के हत्यारे का एनकाउंटर क्यों नही?

लोकमत सत्याग्रह / अरुण विक्रांत / बहराइच उ. प्र.

बेशक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच दंगे में मृतक हुतात्मा श्री रामगोपाल मिश्रा के पीड़ित परिजनों को 10 लाख रुपए की मदद तथा परिवार में एक व्यक्ति को नौकरी एवं घर प्रदान करने का आश्वासन दिया है किंतु इसी दंगे में जहां रामगोपाल मिश्रा को गोली मार कर हत्या की गई  वहीं रामगोपाल मिश्रा के  साथ  और चार व्यक्तियों को गंभीर रूप से पीट पीट कर घायल कर दिया गया था हत्यारों द्वारा जिसमें सुधाकर तिवारी को तीन दिन बाद होश आया था अर्थात सुधाकर तीन दिन तक मरणासन्न  अवस्था में रहे किंतु योगी सरकार द्वारा इन घायलों को टके की मदद भी  नहीं दी गयी, ऊपर से इलाज का खर्च भी परिजनों को ही वहन करना पड़ा, जबकि योगी सरकार का दावा था कि हम अच्छी चिकित्सीय व्यवस्था उपलब्ध करा रहे हैं दंगा प्रभावित घायलों को जो  सफेद झूठ के रूप में साबित है।

  गौरतलब है 13 अक्टूबर 2024 को मूर्ति विसर्जन यात्रा पर मुस्लिम समुदाय के दर्जनों लोगों द्वारा पथराव करते हुए सनातन धर्म के प्रतीक भगवा ध्वज को फाड़कर अपमान किया और मूर्ति पर पत्थर मार कर खंडित कर दिया जिससे आक्रोशित हिंदुओं में से एक व्यक्ति रामगोपाल मिश्रा छत पर चढ़ कर उनके झंडे को उतार कर प्रतिकार करने लगा जिस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा रामगोपाल मिश्रा  गोली मार दी गई और मौके पर मौजूद पुलिस मूक दर्शक भूमिका में मौन व्रत धारण कर मात्र देखती रही तमास बीन बनकर जबकि हिंदू समुदाय द्वारा पत्थर बाजों हत्यारों पर कार्रवाई करने हेतु पुलिस के समक्ष गिड़गिड़ाता रहा है लगभग 17 घंटे तक जबकि रामगोपाल मिश्रा की हत्या के समय से पहले जब भगवा ध्वज को फाड़कर तथा मूर्तियों पर पत्थर बाजी करके खंडित किया गया संपूर्ण सनातन धर्म को अपमानित किया गया तब भी मौके पर मौजूद पुलिस चुप क्यों रही इसके बाद रामगोपाल मिश्रा द्वारा जब भगवाध्वज के अपमान का प्रतिकार किया गया तब उन्हें गोली मारी गई उसके बाद भी मौके पर मौजूद पुलिस चुप क्यों रही, यह यक्ष प्रश्न है, उन गोली चलाने वाले और पत्थर चलाने वाले उपद्रियों को तत्काल गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया हिंदू समुदाय कार्रवाई की मांग कर रहा था जो पुलिस द्वारा नहीं की  जा रही थी पत्थर बाजों  पर जिसके चलते हिंदू उग्र हुआ जिससे मृतक रामगोपाल मिश्रा सहित उन सभी हिंदुओं को जो मूर्ति विसर्जन यात्रा में शामिल थे उन्हें दंगाई और उपद्रवी करार दिया जाने लगा जो ठीक किसी साजिश की ओर इशारा करती है आखिर गोली मारने और भगवा ध्वज का अपमान करने वाले दुर्गा जी की मूर्ति खंडित करने वाले गिरोह पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित हिंदू समुदाय पर ही लाठियां भांजी गई पुलिस द्वारा, और हजारों हिंदुओं पर ही मुकदमे दर्ज किए गए यहां तक कि मुकदमे से भाजपा का दामन भी नहीं बचा है जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि इस घटना के माध्यम से भाजपा और हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश नहीं तो और क्या है।

     बताते चलें कि समूचे भारत का हिंदू समुदाय आक्रोशित है बहराइच  कांड में हिंदुओं पर हुई पुलिस की  बरबर करवाई और भगवा ध्वज अपमान तथा मूर्ति खंडन एवं गोपाल मिश्रा की हत्या से खासा नाराज प्रतीत हुआ है देश का हिंदू समुदाय कि आखिर योगीराज में यदि भगवा ध्वज का अपमान हो सकता है दुर्गा माता की मूर्ति खंडित की जा सकती है और प्रतिकार करने वालों हिंदुओं को गोली मारी जा सकती है , किंतु उन सभी अपराधियों का एनकाउंटर नहीं किया जा सकता है, फिर किन अपराधियों को ठोकने की बात भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करते हैं, क्या यह योगी के शासनकाल में नहीं हो रहा है की भगवा ध्वज का अपमान करने वालों को संरक्षण और प्रतिकार करने वाले  को गोली मार दी जाती है फिर पुलिस द्वारा उन्हीं पर लाठियां बरसाई जाती हैं गोली मारने और भगवा ध्वज का अपमान करने वालों को गिरफ्तार करने के बजाय,  खुला संरक्षण प्रदान किया गया, जबकि इस प्रकार के आरोप पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर लगते रहे हैं और स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यही आरोप लगाकर सपा पर तंज कसते हैं। उन्हीं के शासनकाल में भगवा ध्वज के अपमान का प्रतिकार करने वाले अमर बलिदानी हिंदू रत्न हुतात्मा श्री रामगोपाल  मिश्रा को दंगाई कहते हुए शर्म नहीं आती है प्रशासन और मीडिया कुछ एक नुमाइंदों और नेताओं को।

       धर्म की रक्षा के लिए शहीद रामगोपाल मिश्रा की विधवा पत्नी जिसकी तीन माह पहले शादी हुई थी ने कहा कि मेरे पति के सीने में गोली मारी गई थी परंतु हत्यारों के पैर में गोली क्यों मारी गई इनको एनकाउंटर से बचाया किसने है, वास्तव में दंगे का

 अपराधी वही है इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए बहराइच दंगे की सीबीआई जांच की तत्काल सिफारिश करें अन्यथा समूचे भारत में हिंदुओं का भाजपा से मोह भंग हो जाएगा। जबकि  बहराइच के जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल न हटाया जाना भी योगी सरकार की बड़ी असफलता का पर्याय है ।।

Leave a comment