तानसेन समारोह के 100वें आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। देश के प्रख्यात कलाकार उस्ताद जाकिर हुसैन की प्रस्तुति होना तय है। यह प्रदेश में उनकी पहली प्रस्तुति होगी। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन रूपरेखा तैयार कर रहा है।
- दिसंबर के पहले सप्ताह से शहर भर में गूंजेंगी सुर लहरियां
- शहर में दिसंबर के दूसरे सप्ताह में शुरू हो जाएंगे
- उप्र, महाराष्ट्र और गुजरात में होगा गमक
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लोकमत सत्याग्रह / ग्वालियर अखिल भारतीय तानसेन समारोह के 100वें आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। देश-विदेश के प्रख्यात कलाकारों की सूची तैयार है। यह सूची संस्कृति मंत्री के पास भेज दी गई हैं। जल्द ही सूची फाइनल होते ही नामों की घोषणा की जाएगी। इस आयोजन में देश के प्रख्यात कलाकार उस्ताद जाकिर हुसैन की प्रस्तुति होना तय है। यह प्रदेश में उनकी पहली प्रस्तुति होगी। समारोह में जाकिर हुसैन की तरह ही कई मूर्धन्य कलाकार होंगे। प्रदेश में तानसेन समारोह के पूर्व होने वाला गमक कार्यक्रम भी इस बार ग्वालियर के अलावा कई प्रदेशों में होगा। अभी तक उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है, जहां से मौखिक सहमति भी मिल चुकी है। यह आयोजन दिसंबर के दूसरे सप्ताह में शुरू हो जाएंगे।
संगीत से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों में प्रैक्टिस शुरू
तानसेन समारोह की हर सभा में पहली प्रस्तुति ध्रुपद की होती है। इसके लिए संगीत संस्थानों में रियाज शुरू हो चुका है। इन संस्थानों में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, माधव संगीत महाविद्यालय, ध्रुपद केंद्र ग्वालियर, भारतीय संगीत महाविद्यालय, साधना संगीत महाविद्यालय, ध्रुपद केंद्र बेहट, तानसेन संगीत महाविद्यालय, शंकर गंधर्व संगीत महाविद्यालय की प्रस्तुतियां शामिल होंगी। जल्द ही इनका शेड्यूल भी बनेगा। वैसे समारोह की पहली प्रस्तुति हर साल माधव संगीत महाविद्यालय ही करता आया है।
किले पर भी होगी विशेष सभा
इस बार अखिल भारतीय तानसेन समारोह में ग्वालियर किले पर विशेष सभा कराए जाने की योजना है। यह आयोजन शताब्दी वर्ष की थीम पर ही होगा। इसी क्रम में पिछले साल ताल दरबार कार्यक्रम हुआ था, जिसमें 1500 तबला वादकों ने प्रस्तुति दी थी।
किले पर भी होगी विशेष सभा
इस बार अखिल भारतीय तानसेन समारोह में ग्वालियर किले पर विशेष सभा कराए जाने की योजना है। यह आयोजन शताब्दी वर्ष की थीम पर ही होगा। इसी क्रम में पिछले साल ताल दरबार कार्यक्रम हुआ था, जिसमें 1500 तबला वादकों ने प्रस्तुति दी थी।


