मुरार स्थिति जिला अस्पताल में पिछले 24 दिन से अल्ट्रासाउंड जांच बंद है। इससे हर रोज आधा सैकड़ा मरीज जांच कराए बिना ही लौट रहे हैं।गजराराजा मेडिकल कालेज से रेडियोलाजिस्ट की मांग की गई थी, लेकिन वहां से रेडियोलाजिस्ट उपलब्ध नहीं कराए गए। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में संविदा पर पदस्थ डा. महेंद्र पांडे को एक मामले में सजा हो जाने के चलते यहां अल्ट्रासाउंड जांच बंद है।
- जिला अस्पताल मुरार में रेडियोलाजिस्ट न होने से 24 दिन से जांच बंद
- मरीजों को जयारोग्य अस्पताल व सिविल अस्पताल हजीरा भेजा जा रहा है
- अस्पताल प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कर पाया मरीजों के लिए
लोकमत सत्याग्रह / ग्वालियर। जिला चिकित्सालय मुरार में पिछले 24 दिन से अल्ट्रासाउंड जांच बंद है। इससे हर रोज आधा सैकड़ा मरीज जांच कराए बिना ही लौट रहे हैं। गजराराजा मेडिकल कालेज से रेडियोलाजिस्ट की मांग की गई थी, लेकिन वहां से रेडियोलाजिस्ट उपलब्ध नहीं कराए गए। वहीं अस्पताल प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कर पाया। इस कारण जांच अब तक शुरू नहीं हो सकी है।
अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को जयारोग्य अस्पताल व सिविल अस्पताल हजीरा भेजा जा रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 800-900 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें से 45-50 मरीजों को चिकित्सक अल्ट्रासाउंड जांच की सलाह देते हैं, लेकिन अल्ट्रासांउड जांच बंद होने के कारण चिकित्सकों ने भी जांच लिखना बंद कर रखा है। या फिर जरूरी होने पर मरीज को जांच के लिए जेएएच व सिविल अस्पताल हजीरा भेजा जा रहा है। ऐसे में कई मरीज निजी सेंटर पर जांच कराने को मजबूर हैं। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में संविदा पर पदस्थ डा. महेंद्र पांडे को एक मामले में सजा हो जाने के चलते यहां अल्ट्रासाउंड जांच बंद है।
क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को लिख चुके हैं पत्र
जिला अस्तपाल प्रबंधन का कहना है कि अल्ट्रासाउंड जांच बंद को लेकर क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिख चुके हैं। बताते हैं कि क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के यहां से संभागायुक्त को भी पत्र लिखा जा चुका है। इसके साथ ही सांसद तक से रेडियोलाजिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं जाने की मांग प्रबंधन कर चुका है, लेकिन अस्पताल को अब तक रेडियोलाजिस्ट नहीं मिल सका है।


