भगवान सूर्य देव की आराधना: डाला छठ का चार दिवसीय महापर्व

आज होगा खरना का व्रत, पूरे दिन व्रती निर्जला निराहार उपवास रखेगी, नहाए खाय के साथ शुरू हुआ डाला छठ महोत्सव

लोकमत सत्याग्रह / सुरेश पंडित / जयपुर । बिहार समाज संगठन के तत्वाधान में कार्तिक मास शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि से भगवान सूर्य देव की आराधना का चार दिवसीय महापर्व डाला छठ नहाय  खाय से शुरू हुआ। राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी सुरेश पंडित ने बताया कि व्रत रखने वाले सुबह स्नान कर  कच्चा चावल, चने की दाल, लौकी की सब्जी, जिसमे सेन्धा नमक  का प्रयोग किया गया ।आज खरना का व्रत रखेंगे,  जो निर्जला उपवास रखेंगे शाम को घर में ही भगवान सूर्य देव की गुड़ की खीर भोग लगाने के बाद प्रसाद ग्रहण करेंगे। खीर को केले के पत्ते पर निकालकर मौसमी फल तुलसी आदि रखकर सूर्य देव को घी का दीपक जलाकर भोग लगाएंगे । जिनके घरों में यह पर्व नही होता है उनको निमंत्रण देकर प्रसाद जरूर खिलाते हैं । खरना के प्रसाद का बड़ा ही महत्व है। इसके साथ ही निर्जला निराहार उपवास शुरू हो जाएगा । जो 08 नवंबर सूर्य देव को अध्य देने के साथ इस महापर्व का समापन होगा । 07 व 08 नवंबर को गलता जी तीर्थ पर बड़ी धूमधाम से छठ मनाया जाएगा । इस बार दुर्गा विस्तार कॉलोनी एनबीसी के पीछे,  शास्त्री नगर किशन बाग, रॉयल सिटी माचवा , रामपुरा रोड सांगानेर , विश्वकर्मा, आमेर, 52 फुट हनुमान जी मंदिर आगरा रोड पर भी समाज के द्वारा यह पर्व मनाया जा रहा है 07 नवम्बर को गलताजी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी व 08 अक्टूबर को पवित्र गलता जी तीर्थ पर उगते हुए सूर्य देव को दूसरा अध्य देने के साथ ही इस महापर्व का समापन होगा ।  स्वच्छ भारत स्वास्थ्य भारत का गलता तीर्थ में   किया गया ।

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