लोकमत सत्याग्रह / ग्वालियर चंबल में अभी ठंड ने अपने तेवर नहीं दिखाए हैं। जबकि नवंबर के दूसरे पखवाडे में अच्छी खासी ठंड पडती है। सोमवार को अंचल में पहली बार कोहरा पडा। हालांकि कोहरे की सघनता अधिक नहीं थी। कोहरे की वजह सुबह लोगांे को ठंड का अधिक एहसास हुआ और सडकों पर वाहनों को हैडलाइट जलाकर चलना पडा।
- अंचल में सर्दी के मौसम का पहला कोहरा पड़ा
- कोहरे में द्ष्यता थी करीब 100 मीटर
- अगले तीन दिन ठंडक लेकर आएंगी हवाएं
अंचल में सोमवार सुबह मौसम के रुख में बदलाव हुआ। सोमवार सुबह जब लोग जगे और घरों से बाहर निकले तो अपने आप को कोहरे के आगोश में पाया। ठंड के इस सीजन में पहली बार कोहरा पड़ा है। हालांकि कोहरा अधिक घना नहीं था। द्ष्यता करीब सौ मीटर की थी। वाहनों को हैडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा था। कोहरे की वजह से सुबह ठंड का एहसास कुछ ज्यादा हुआ। मौसम विभाग की माने तो आगामी तीन दिन में अंचल में तापमान में गिरावट हो सकती है। साथ ही कोहरा भी छा सकता है।
उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की सीमा पर मौजूद चक्रवात के कारण अंचल तक उत्तरी हवाओं का आना थम गया है। इस कारण रविवार को शीत ऋतु के बावजूद सूरज की तीखी किरणों से दिन के तापमान में इजाफा हो गया। वहीं रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। दिन और रात का तापमान पिछले दिनों की तरह ही सामान्य से अधिक बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होने के कारण अगले तीन दिन तक तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी। ऐसे में ठंड और बढ़ेगी। लेकिन अभी ऐसी ठंड नहीं पड़ेगी जो लोगों को परेशान कर सके।
इसके बाद 21 नवंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से तापमान स्थिर हो जाएगा। शहर में पिछले कुछ दिनों से रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला चल रहा था, लेकिन दो दिन से पारा स्थिर हो गया है। इसका कारण आगरा के ऊपर बना चक्रवात है, जिसके कारण उत्तरी हवाएं सीधे अंचल तक नहीं आ रही हैं। यही कारण है कि रविवार को दिन के तापमान में गिरावट के बजाय बढ़ोतरी हो गई।
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 0.4 डिसे की बढ़त के साथ 32.0 डिसे दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.5 डिसे अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 15.1 डिसे दर्ज किया गया, जो औसत से 2.3 डिसे अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होने के कारण अगले तीन दिन उत्तरी हवाओं का आना शुरू होगा। इससे पारे में गिरावट होगी।


