लोकमत सत्याग्रह / हेमंत वर्मा / राजनांदगांव – रमन सिंह विष्णु देव साय को हटाकर खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं कुलबीर छाबड़ा शहर जिला अध्यक्ष के आरोप में कितना दम डोंगरगांव विभीषण की ताजपोशी रहस्य से भरी पार्टी विद डिफरेंट
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा इन दिनों आग उगल रहे हैं और आग लगा भी रहे हैं कल ही उसने रमन सिंह का पुतला दहन किया है अब इसकी शुरुआत में चलते हैं तो सबसे पहले मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्था को लेकर कुलबीर सिंह छाबड़ा ने रमन सिंह पर बड़ा आरोप लगाया इसके बाद उन्होंने उससे भी बढ़कर एक और आरोप लगा दिया कि प्रदेश में जो राजनीतिक हालत बनी है पुलिसया अत्याचार हुए हैं दंगा फसाद हो रहे हैं उसमें रमन सिंह का हाथ है और उन्होंने इसका बहुत ही शानदार तर्क दिया वह इसलिए करवा रहे हैं ताकि इससे विष्णुदेव सरकार की बदनामी हो और वह सरकार अस्थिर हो और रमन सिंह को पुनः मुख्यमंत्री बनने का मौका मिले यह बात सही है कि मुख्यमंत्री की दौड़ में रमन सिंह जरूर थे परंतु क्योंकि चुनाव केंद्र की मोदी सरकार की योजना और मोदी के चेहरे पर प्रदेश में भाजपा ने चुनाव लड़ा था इसलिए और इसके पहले 2018 में भाजपा की सफाई में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के तीसरे कार्यकाल को बताया जा रहा है यही वजह है कि उन्हें इस बार पार्टी संगठन मौका देने के पक्ष में बिल्कुल नहीं था केंद्रीय नेतृत्व का पहला फोन रमन सिंह के पास ही आया रमन सिंह को लगा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है लेकिन गुरु दूसरे तरफ से यह बोला गया रमन सिंह जी आपको चीफ मिनिस्टर नहीं बना रहे हैं लेकिन चीफ मिनिस्टर आपके अपने ही बन रहे हैं यानी कि आपका ही गुट के व्यक्ति को बनाया जा रहा है दूसरी ओर आपको चीफ मिनिस्टर के समक्ष यानी कि विधानसभा अध्यक्ष का पद दिया जा रहा है रमन सिंह को थोड़ा अचरज लगा लेकिन जो कि उन्हें अंदेशा था कि आदिवासी नेतृत्व और राजनंदगांव जिले में बीजेपी की सफाई होने के बाद और बस्तर संभाग से सरगुजा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी को एक तरफा लीड मिलने से उनकी दावेदारी खुद ही समाप्त हो गई है इसलिए उन्होंने अमित शाह और मोदी जी के आदेश को स्वीकार करते हुए विधायक दल की बैठक में विष्णु देव साय का नाम प्रस्तावित किया जिन्हें सर्वसम्मति से पास किया गया हालांकि कुलबीर छाबड़ा जो बात कह रहे हैं उस बात में सच्चाई थोड़ी भी नहीं है लेकिन अंदर खाने पार्टी के कुछ लोग अगर यह सोचते हैं कि ऐसा हो जाए तो यह असंभव सा प्रतीत होने वाला काम है हालांकि संवैधानिक पद में रहते हुए राजनांदगांव जिले में क्षेत्र विशेष में एक तरह से रमन सिंह ही सरकार में है अब अगर देखा जाए उनके पावर और पद प्रतिष्ठा को तो वह पहले शख्स है जिन्होंने सरकार बनने के बाद अपने रिश्तेदार यानी कि सचिन बघेल को केंद्रीय सरकारी बैंक का अध्यक्ष बनाया वहीं कुछ-कुछ लोगों को निगम आयोग में एडजस्ट करने के लिए अपने लेटर पैड कभी दुरुपयोग कर रहे हैं और वह जितने अनुशंसा भेज रहे हैं वह धड़ाधड़ स्वीकृत भी हो रहे हैं इसी तरह डोगरगांव का एक गद्दार बीजेपी नेता जो इन दिनों चर्चा में है लगातार दौरा और पार्टी संगठन में सक्रियता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं अंदर खाने खबर आ रहे हैं कि उनको जिला भाजपा का अध्यक्ष बनाए जाने वाला है हालांकि एक बागी व्यक्ति की सानिध्य में रहकर पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता असहज जरुर महसूस करेंगे लेकिन पार्टी विद डिफरेंट की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी पता नहीं वर्तमान में कौन सी सोच में है कैसे गद्दार नेताओं को भी प्रमोट करने में पीछे नहीं हटते हैं एक बात और यह वही बागी नेता है जिसे पिछले दिनों निगम आयोग में वायरल सूची में नाम आने पर उनके समर्थकों ने पूरे विधानसभा में बधाई और शुभकामनाओं से उनके फोटो को लाद दिया था कुलबीर छाबड़ा ने हालांकि मेडिकल कॉलेज की स्थिति लेकर एवं प्रदेश में आराजकता माहौल को देखते हुए रमन सिंह के मुख्यमंत्री बनने का सिगुफा छोड़ा है लेकिन जिस तरीके से पिछली सरकार में ढाई ढाई का फार्मूला 5 साल चला वह ट्रेंड भी अब रमन वर्सेस विष्णु देव होने वाला है हेमंत वर्मा की कलम सेरमन सिंह विष्णु देव साय को हटाकर खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं कुलबीर छाबड़ा शहर जिला अध्यक्ष के आरोप में कितना दम डोंगरगांव विभीषण की ताजपोशी रहस्य से भरी पार्टी विद डिफरेंट
हेमंत वर्मा राजनंदगांव एक्सक्लूसिव पड़ताल
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा इन दिनों आग उगल रहे हैं और आग लगा भी रहे हैं कल ही उसने रमन सिंह का पुतला दहन किया है अब इसकी शुरुआत में चलते हैं तो सबसे पहले मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्था को लेकर कुलबीर सिंह छाबड़ा ने रमन सिंह पर बड़ा आरोप लगाया इसके बाद उन्होंने उससे भी बढ़कर एक और आरोप लगा दिया कि प्रदेश में जो राजनीतिक हालत बनी है पुलिसया अत्याचार हुए हैं दंगा फसाद हो रहे हैं उसमें रमन सिंह का हाथ है और उन्होंने इसका बहुत ही शानदार तर्क दिया वह इसलिए करवा रहे हैं ताकि इससे विष्णुदेव सरकार की बदनामी हो और वह सरकार अस्थिर हो और रमन सिंह को पुनः मुख्यमंत्री बनने का मौका मिले यह बात सही है कि मुख्यमंत्री की दौड़ में रमन सिंह जरूर थे परंतु क्योंकि चुनाव केंद्र की मोदी सरकार की योजना और मोदी के चेहरे पर प्रदेश में भाजपा ने चुनाव लड़ा था इसलिए और इसके पहले 2018 में भाजपा की सफाई में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के तीसरे कार्यकाल को बताया जा रहा है यही वजह है कि उन्हें इस बार पार्टी संगठन मौका देने के पक्ष में बिल्कुल नहीं था केंद्रीय नेतृत्व का पहला फोन रमन सिंह के पास ही आया रमन सिंह को लगा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है लेकिन गुरु दूसरे तरफ से यह बोला गया रमन सिंह जी आपको चीफ मिनिस्टर नहीं बना रहे हैं लेकिन चीफ मिनिस्टर आपके अपने ही बन रहे हैं यानी कि आपका ही गुट के व्यक्ति को बनाया जा रहा है दूसरी ओर आपको चीफ मिनिस्टर के समक्ष यानी कि विधानसभा अध्यक्ष का पद दिया जा रहा है रमन सिंह को थोड़ा अचरज लगा लेकिन जो कि उन्हें अंदेशा था कि आदिवासी नेतृत्व और राजनंदगांव जिले में बीजेपी की सफाई होने के बाद और बस्तर संभाग से सरगुजा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी को एक तरफा लीड मिलने से उनकी दावेदारी खुद ही समाप्त हो गई है इसलिए उन्होंने अमित शाह और मोदी जी के आदेश को स्वीकार करते हुए विधायक दल की बैठक में विष्णु देव साय का नाम प्रस्तावित किया जिन्हें सर्वसम्मति से पास किया गया हालांकि कुलबीर छाबड़ा जो बात कह रहे हैं उस बात में सच्चाई थोड़ी भी नहीं है लेकिन अंदर खाने पार्टी के कुछ लोग अगर यह सोचते हैं कि ऐसा हो जाए तो यह असंभव सा प्रतीत होने वाला काम है हालांकि संवैधानिक पद में रहते हुए राजनांदगांव जिले में क्षेत्र विशेष में एक तरह से रमन सिंह ही सरकार में है अब अगर देखा जाए उनके पावर और पद प्रतिष्ठा को तो वह पहले शख्स है जिन्होंने सरकार बनने के बाद अपने रिश्तेदार यानी कि सचिन बघेल को केंद्रीय सरकारी बैंक का अध्यक्ष बनाया वहीं कुछ-कुछ लोगों को निगम आयोग में एडजस्ट करने के लिए अपने लेटर पैड कभी दुरुपयोग कर रहे हैं और वह जितने अनुशंसा भेज रहे हैं वह धड़ाधड़ स्वीकृत भी हो रहे हैं इसी तरह डोगरगांव का एक गद्दार बीजेपी नेता जो इन दिनों चर्चा में है लगातार दौरा और पार्टी संगठन में सक्रियता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं अंदर खाने खबर आ रहे हैं कि उनको जिला भाजपा का अध्यक्ष बनाए जाने वाला है हालांकि एक बागी व्यक्ति की सानिध्य में रहकर पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता असहज जरुर महसूस करेंगे लेकिन पार्टी विद डिफरेंट की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी पता नहीं वर्तमान में कौन सी सोच में है कैसे गद्दार नेताओं को भी प्रमोट करने में पीछे नहीं हटते हैं एक बात और यह वही बागी नेता है जिसे पिछले दिनों निगम आयोग में वायरल सूची में नाम आने पर उनके समर्थकों ने पूरे विधानसभा में बधाई और शुभकामनाओं से उनके फोटो को लाद दिया था कुलबीर छाबड़ा ने हालांकि मेडिकल कॉलेज की स्थिति लेकर एवं प्रदेश में आराजकता माहौल को देखते हुए रमन सिंह के मुख्यमंत्री बनने का सिगुफा छोड़ा है लेकिन जिस तरीके से पिछली सरकार में ढाई ढाई का फार्मूला 5 साल चला वह ट्रेंड भी अब रमन वर्सेस विष्णु देव होने वाला है

