विकासखण्ड घाटीगाँव मे दिव्यांग स्कूली छात्र छात्राओं की खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित

लोकमत सत्याग्रह  /  घाटीगाँव – बीआरसी परिसर में मंगलवार को शासकीय विद्यालयों के  दिव्यांग बच्चों की विकासखंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

जिसमें सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया गया

 राज्य  शिक्षा केंद्र भोपाल  के तत्वावधान में एवं जिला परियोजना समन्वयक श्री रवीन्द्र सिंह तोमर के निर्देशन मे आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती क्रष्णा अग्रवाल जिला शिक्षा केंद्र ग्वालियर, अध्यक्षता  बीआरसीसी शशि भूषण श्रीवास्तव ने की,  विशिष्ठ अतिथि संकुल प्राचार्य बरई आर० एस० शाक्यवार एवं श्री गिरजेश श्रीवास्तव प्राचार्य शा० उत्क्रष्ठ विध्यालय  घाटीगाँव, बी ए सी सुश्री नीलम देहलवार, श्री शक्तिधर शर्मा, श्री रामचंद्र चिरगैया  

 सर्वप्रथम अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर मुख्य अतिथि श्रीमती क्रष्णा अग्रवाल ने कहा कि सरकार दिव्यांगों के विकास के लिए कई योजनाएं लाई है, जिसका फायदा भी उन्हें मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बेहतर कर सकते हैं, प्रशासन उन्हें हर तरह की सुविधा उपलब्ध करा रहा हैं।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बीआरसीसी शशि भूषण श्रीवास्तव ने कहा कि दिव्यांग खुद को दूसरों से कम नहीं समझें, उनमें जो खूबियां हैं वह साधारण इंसान में नहीं होती। दिव्यांग अपने हौसले के बल पर सब कुछ हासिल कर सकते हैं। दिव्यांग होने के बावजूद अपने हौसले के बल पर आम आदमी से बेहतर काम के कई उदाहरण भी हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगो को चाहिए कि वे इच्छा शक्ति को बुलंद रखकर अपनी मंजिल निर्धारित कर उस ओर बढ़ें और खुद को साबित करके समाज के लिए प्रेरणा बनें। दिव्य अंग के कारण ही आपको दिव्यांग शब्द से संबोधित किया जाता है। आप सामान्य मनुष्य से किसी भी सूरत में कम नहीं हैं।

इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि श्री गिरजेश श्रीवास्तव ने कहा कि

दिव्यांग किसी मायने में किसी से कम नहीं होते। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों पर दया करने या सहानुभूति दिखाने से उनकी भावना आहत होती है। उन्हें सिर्फ सहयोग और समानता चाहिए। किसी की अगर शारीरिक रूप से कोई कमी होती है,तो उसकी छठी इंद्रीय अपने आप सक्रिय हो जाती है।  यदि कोई शारीरिक कमजोरी से दौड़ नहीं सकता तो पढ़-लिख कर वैज्ञानिक आदि बन सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां दिव्यांगों ने अपनी कुशलता और काबिलियत से सबको आश्चर्यचकित कर दिया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खुद को कभी कमजोर न समझें। उनमें न क्षमता की कमी है और न ही प्रतिभा की।

इस अवसर पर मंच का  संचालन भरत शर्मा एवं एस०पी०  जैन द्वारा किया गया! कार्यक्रम मे समस्त कार्यालयीन स्टाफ राकेश सिंह सिकरवार, संदीप गुप्ता, फूल सिंह, तिलक कुशवाह, नरेश राजपूत, समस्त  सीएसी एवं शिक्षक उपस्थित रहे!

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