लोकमत सत्याग्रह / ग्वालियर। विवेकानंद आरओबी निर्माण के लिए भूमिपूजन होने के सात साल बाद भी अब तक बनकर तैयार नहीं हुआ है। पहले रेलवे के कारण काम अटका, फिर बिल्डरों का पेंच फंस गया। अब परेशान होकर पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग ने तय किया है कि वह आरओबी की चौड़ाई घटाकर सबसे पहले काम पूरा करेंगे, जिससे जनवरी में इससे ट्रैफिक चालू
विवेकानंद आरओबी जिसका निर्माण कार्य है अधूरा।
HIGHLIGHTS
- जितनी जमीन बचेगी या बिल्डर देने को राजी होंगे उतने में बनाई जाएगी सर्विस रोड
- दो साल में निर्माण करने का लक्ष्य था, सात साल बाद भी अधूरा है आरओबी
- अभी 18 मीटर होना थी, चौड़ाई, घटने के बाद 15 मीटर तक हो सकती है
नाका चंद्रवदनी से कलेक्ट्रेट के पीछे उतरने वाला विवेकानंद आरओबी निर्माण के लिए भूमिपूजन होने के सात साल बाद भी अब तक बनकर तैयार नहीं हुआ है। इसे पूरा करने का लक्ष्य दो साल का रखा गया था। हालांकि अब तक 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन पूरा होकर यातायात शुरू करने को लेकर बस तारीख पर तारीख मिल रही है। पहले रेलवे के कारण काम अटका, फिर बिल्डरों का पेंच फंस गया।
अब परेशान होकर पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग ने तय किया है कि वह आरओबी की चौड़ाई घटाकर सबसे पहले काम पूरा करेंगे, जिससे जनवरी में इससे ट्रैफिक चालू हो सके। ऐसे में अब सर्विस रोड केवल उतनी ही बनेगी, जितनी जगह बाद में बचेगी। इससे आसपास जिन बिल्डरों की जमीन है उनकी जरूर मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल पहले पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग आरओबी के आसपास जिन छह बिल्डरों की जमीन थी, उनको मुआवजा देकर थोड़ी जमीन अधिग्रहित करने की योजना बना रहा था।
इससे चौड़ी सर्विस रोड तैयार हो सके। इसका प्रस्ताव भी तैयार होकर कलेक्ट्रेट भेज दिया गया था। इसी बीच कुछ बिल्डरों ने जमीन का लैंडयूज बदलवा लिया, जिससे जमीन के दाम बढ़ गए। पहले अधिग्रहण पर जहां करीब डेढ़ करोड़ खर्च हो रहा था, वह बढ़कर करीब साढ़े छह करोड़ पर पहुंच गया। विभाग ने जब यह हरकत देखी तो जमीन अधिग्रहण का निर्णय बदल दिया गया। अब तय यह हुआ है कि पहले कलेक्ट्रेट के पीछे जहां आरओबी उतर रहा है, वहां चौड़ाई 18 मीटर थी। अब इस चौड़ाई को घटाकर तीन-चार मीटर कम कर दिया जाएगा। इससे यहां आरओबी की चौड़ाई 15-16 मीटर रह जाएगी।
फैक्ट फाइल
- 2017 में भूमिपूजन
- 2019 में काम पूरा होना था
- 925 मीटर लंबाई
- 18 मीटर चौड़ाई
- 15 मीटर होगी कलेक्ट्रेट की तरफ चौड़ाई
प्रस्ताव भाेपाल भेजा
आरओबी में कलेक्ट्रेट वाले हिस्से में बदलाव किया जाना है, जिसके लिए ड्राइंग डिजाइन तैयार करके भाेपाल भेजी गई है। वहां से हरी झंडी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। विभाग का टारगेट दिसंबर माह में काम पूरा करना है। जिससे जनवरी में आरओबी से ट्रैफिक चालू हाे सके।इससे बिल्डराें की परेशानी बढ़ना तय है, क्याेंकि अब जितनी जगह बचेगी, उतने में ही विभाग सर्विस राेड तैयार कर देगा।
सांसद ने किया था निरीक्षण
सांसद भारत सिंह कुशवाह ने हाल ही में आरओबी का निरीक्षण कर निर्माण कार्य का जायजा लिया था। साथ ही अधिकारियों को किसी भी हालत में दिसंबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद ही काम में तेजी आई है।
हमने कलेक्ट्रेट की तरफ के हिस्से की चौड़ाई तीन-चार मीटर घटाकर काम पूरा करने का निर्णय लिया है। ड्राइंग डिजाइन भोपाल भेजी गई है, जैसे ही स्वीकृति मिलती है काम पूरा कर दिया जाएगा।
-संजय जैन, प्रोजेक्ट इंचार्ज, पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग


