पराली जलाना भारी पड़ा, 17 किसानों पर लगाया अर्थदंड

लोकमत सत्याग्रह  / ग्वालियर।  पराली जलाना चीनौर, भितरवार व घाटीगांव तहसील के विभिन्न ग्रामों में निवासरत 17 किसानों को भारी पड़ा है। एसडीएम की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा इन किसानों पर 2500–2500 रुपये प्रति घटना के हिसाब से अर्थदंड लगाया है। जिले में किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।

पराली जलाना भारी पड़ा, 17 किसानों पर लगाया अर्थदंड। फाइल फोटो।

HIGHLIGHTS

  1. चीनौर, भितरवार व घाटीगांव तहसील के विभिन्न ग्रामों में हुई यह कार्रवाई
  2. फसल के अवशेष न जलाने के लिए जागरूक करने के साथ-साथ
  3. पराली जलाने वाले किसानों पर अर्थदंड की कार्रवाई भी जारी

जिले में पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण करने के उद्देश्य से धान की पराली एवं गेहूं सहित अन्य फसलों के अवशेष जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रुचिका चौहान द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन कर पराली जलाना चीनौर, भितरवार व घाटीगांव तहसील के विभिन्न ग्रामों में निवासरत 17 किसानों को भारी पड़ा है।

संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा इन किसानों पर 2500–2500 रुपये प्रति घटना के हिसाब से अर्थदंड लगाया है। जिले में किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद जो किसान प्रतिबंधात्मक आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा रही है।

राज्य शासन के पर्यावरण विभाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों के तहत कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा खेत में फसल अवशेष जलाने की कोशिश की तो उसे अर्थदंड भुगतना होगा। इसी परिपालन में अनुविभागीय दंडाधिकारी भितरवार डीएन सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा पराली जलाने वाले एक दर्जन किसानों पर जुर्माना लगाया गया है।

इन किसानों से वसूलें जाएंगे 2500-2500 रुपए

भितरवार एसडीएम ने बताया कि पराली जलाने वाले जिन किसानों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें चीनौर तहसील के ग्राम लदवाया निवासी कुसुम पत्नी कुंवर सिंह, बडेराभारस निवासी प्रीतम सिंह, चीनौर के राममोहन, घरसौंदी के मनीराम व पिपरौआ निवासी मानसिंह शामिल हैं। इन सभी पर 2500–2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह भितरवार तहसील के ग्राम मस्तुरा निवासी किसान नरेश, राकेश, नजर खां, चांदनी, भरोसी, राजेश व बलराम पर पराली जलाने के दंड स्वरूप यह जुर्माना अधिरोपित किया गया है। इनके अलावा ग्राम बड़ागांव के गुरपाल सिंह व अनूप शर्मा, मोहना के मनोज राठौर, हुकुमगढ़ के कप्तान सिंह व आरोन के गजेन्द्र सिंह के ऊपर भी पराली जलाने पर 2500–2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

पर्यावरण क्षति के साथ-साथ के पोषक तत्व हो जाते हैं नष्ट

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पराली जलाने से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि खेत के पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं। किसान भाई धान के खेत में सुपर सीडर के जरिए बोवनी कर धन व समय बचाने के साथ-साथ खेत की उत्पादक क्षमता बरकरार रख सकते हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे पराली व नरवाई जलाने के स्थान पर उसे भूसा बनाकर पशु चारे के लिए उपयोग करें।

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