लोकमत सत्याग्रह / ग्वालियर। मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर का है। हाई कोर्ट ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण की सुनवाई में पुलिस को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका एक दूल्हे ने लगाई थी, जो शादी के बाद घर पर जब बाथरूम में गया और वापस आया तो उसकी दुल्हन गायब थी। दुल्हन के साथ गहने व जेवरात भी गायब थे।
- ससुराल वालों पर लगाया आरोप, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दर्ज
- याचिका में कहा- सिर्फ पत्नी ही नहीं, जेवर व तोहफे भी थे गायब
- कोर्ट ने पुलिस को दिए जांच के बाद दिए कार्रवाई के आदेश
हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान एक रोचक मामला सामने आया। यहां याचिकाकर्ता ने अपनी पत्नी को उसके स्वजन की अवैध कस्टडी में होने का आरोप लगाते हुए याचिका लगाई।
याची ने बताया कि उसकी शादी के दौरान जब जयमाला से पहले वह बाथरूम गया तो वापस आकर देखा कि उसकी पत्नी कहीं गायब हो गई है। देखने पर पता चला कि सिर्फ उसकी पत्नी ही गायब नहीं थी, बल्कि जेवर और तोहफे भी गायब मिले।
कोर्ट याचिका खारिज की, लेकिन पुलिस को जांच करने का आदेश दिया
याचिकाकर्ता ने दुल्हन के स्वजन पर उसको अवैध कस्टडी में रखने का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहीं सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का नहीं है, इसलिए इसकी सुनवाई नहीं हो सकती।
इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस को इस मामले में जांच करने के आदेश दिए हैं। बता दें यह मामला थाटीपुर थाना क्षेत्र का है। जहां कुछ दिन पहले ही यह शादी का कार्यक्रम हुआ था। अब तक इस मामले में कोई एफआइआर भी दर्ज नहीं हुई है।


