ग्वालियर की कई कॉलोनियों में घर छोड़ने को मजबूर लोग, नहीं बिक रहे प्लॉट; वजह हैरान करने वाली

लोकमत सत्याग्रह/ग्वालियर। अक्सर जहां हम रहते हैं या वहां घर बनाते हैं, जहां सुकून-शांति हो। शहर में अच्छी जगहें देखकर प्लॉट लेते हैं, जहां रहने में कोई समस्या न हो, लेकिन कभी-कभी ऐसा नहीं होता। लोगों को मजबूरन अपना रियासी इलाका, घर छोड़ना पड़ता है, इसकी कई वजहें हो सकती हैं। जैसे प्रदूषण, शोर, भीड़-भीड़ या आस-पास के लोगों का सही न होना।

HIGHLIGHTS

  1. ग्वालियर में कई कॉलियों से घर छोड़ कर जा रहे लोग
  2. डेयरियों के कारण इलाकों में लोग नहीं बना रहे मकान
  3. सीवर चोक और गोबर समस्या पॉश कालोनी गांव जैसी

ग्वालियरशहर में कुछ इलाके में लोग इस कदर परेशान हो चुके हैं कि अब वह मकान बेचकर ही जा रहे हैं। इतना ही नहीं पॉश कालोनियों में जिन लोगों ने प्लाट खरीदे हैं, वह अब मकान बनाने से कतरा रहे हैं। जिसकी वजह से कालोनियों में प्लाट खाली पड़े हुए हैं।

इतना ही नहीं अब वह प्लाट बेचना चाह रहे हैं तो दाम भी अधिक नहीं मिल रहे हैं। जिससे वह बुरी तरह से फंस गए हैं और इसकी वजह है शहर के बीचोंबीच चलने वाली डेयरियां। इसमें सिटी सेंटर, शारदा विहार, अनुपम नगर, अल्कापुरी शहर की पाश कालोनियों में शामिल हैं।

बढ़ रही डेयरियों से परेशानी

न्यू हाई कोर्ट, कलेक्ट्रेट के यहां शिफ्ट होने के बाद यहां बसाहट भी तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही भैंस डेयरियों की संख्या भी बढ़ना शुरू हो गई। अब यह डेयरियां इन कालोनीवासियों के लिए परेशानी बन चुकी है। अल्कापुरी में नटराज एन्क्लेव में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि यहां रहने वाला एक परिवार इन डेयरियों के कारण यहां से मकान बेचकर ही चला गया है।

इतना ही नहीं इलाके में करीब 15-20 प्लॉट अब भी खाली पड़े हुए हैं। वह भी काफी समय से इन डेयरियों के कारण होने वाली गंदगी और दुर्गंध से खासे परेशान हैं और कई बार शिकायत भी कर चुके हैं।

इसलिए नहीं बना रहे मकान

पॉश कालोनी में महंगे दामों में प्लाट लोग इसलिए खरीदते हैं जिससे वह साफ सुथरे वातावरण में रह सकें। जबकि भैंस डेयरियों के कारण यहां अक्सर सीवर चोक की समस्या बनी रहती है। जबकि कालोनी में गोबर पड़े रहने से गंदगी के साथ ही दुर्गंध भी फैलती है।

हालत ये है कि इन कालोनियों की हालत अब गांव जैसी हो चुकी है। इसी वजह से लोग यहां प्लाट लेने के बाद भी मकान बनाने से कतरा रहे हैं। प्लाट अब बेचना चाहते हैं तो मुश्किल यह है कि खरीदार पहले आसपास का माहौल देखते हैं और यहां गंदगी देख लोग प्लाट खरीदने से बचते हैं।

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