लोकमत सत्याग्रह/ग्वालियर। हाल के सालों में शेयर मार्केट में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनमें अधिकांश नए निवेशक हैं। यानी ऐसे लोग जिन्हें पहले शेयर ट्रेडिंग का अनुभव नहीं है। अनुभव की कमी बहुत बड़ा जोखिम हो सकती है। इसलिए सवाल दी जाती है कि पहले एसआईपी में निवेश करें, फिर बाजार में एंट्री करें।
एसआईपी को सुरक्षित निवेश माना गया है।
HIGHLIGHTS
- एसआईपी है सुरक्षित निवेश
- लॉन्ग टर्म में नहीं होता घाटा
- 10 से 15% रिटर्न संभव
अनुज गुप्ता। शेयर मार्केट में निवेश करने की शुरुआत करना चाहते हैं तो एसआईपी के जरिए बाजार में प्रवेश करें। इसमें हर माह या तय अवधि में एक निश्चित रकम निवेशक के चुने गए फंड में निवेश होती है। जो रकम दी जाती है, वह म्युचुअल फंड के यूनिट्स में बदलती है। इसे सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) कहा जाता है।
एसआईपी के जरिए लगातार और आसान निवेश के लाभ जुड़े होते हैं। कोई भी निवेशक अपनी आमदानी के लिहाज से निवेश का प्लान चुन सकता है। छोटी रकम से निवेश करते हुए इस तरह से निवेशकों को एक्सपर्ट मैनेजर की सलाह का लाभ मिलता है। फंड मैनेजर उस फंड में जमा राशि को निवेश की योजना तय करते हैं।
एसआईपी यानी शेयर बाजार जैसे टेंशन नहीं
- शेयर बाजार ऊपर है या नीचे, यह एसआईपी में देखने की जरूरत नहीं होती। बाजार और जिन स्टाक्स में फंड मैनेजर निवेश करते हैं उनकी तेजी का लाभ समय के साथ फंड में एसआईपी के साथ निवेश करने वाले को मिलता है।
- एसआईपी मिश्रित, किसी खास सेक्टर या तरह के शेयरों से जुड़े फंड वाला भी हो सकता है। एसआईपी में जोखिम कम हो जाता है। साथ ही लंबे समय तक बने रहने से अच्छा रिटर्न मिलता है।
- इसमें एक मुश्त, त्रैमासिक या वार्षिक निवेश का विकल्प भी मिलता है। शेयर बाजार में लार्जकैप, मिडकैप, स्मॉलकैप जैसे शेयरों में निवेश का विकल्प भी फंड के जरिए उपलब्ध रहता है।
- नए निवेशकों को बाजार की बारीकियों की जानकारी नहीं होती, ऐसे में उनके लिए यह काम एसआईपी के फंड मैनेजर करते हैं और उनके जरिए वे अधिक सुरक्षित निवेश कर सकते हैं।
एसआईपी में लॉन्ग टर्म निवेश से फायदे की गारंटी
ऐसे निवेशक जो रिटर्न के लिए बैंक की जमा योजनाओं का रुख करते हैं, उन्हें भी महंगाई से लड़ने के लिए सावधि जमा की बजाय एसआईपी की ओर जाना चाहिए। एसआईपी में लंबे समय तक रहेंगे और जारी रखेंगे तो उसमें घाटे की संभावना बिल्कुल नहीं रहती और 10 से 15 प्रतिशत या ज्यादा रिटर्न भी मिल सकता है।

