लोकमत सत्याग्रह/ग्वालियर। ग्वालियर में तानसेन समारोह के तीसरे दिन 2023 के तानसेन अलंकरण से पंडित स्वपन चौधरी और राजा मानसिंह तोमर सम्मान से सानंद न्यास को सम्मानित किया गया। पंडित स्वपन चौधरी ने अपनी यात्रा साझा करते हुए जाकिर हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्कृति मंत्री ने शास्त्रीय संगीत के महत्व को रेखांकित किया।
HIGHLIGHTS
- सानंद न्यास को राजा मानसिंह तोमर सम्मान।
- पंडित चौधरी ने जाकिर हुसैन को श्रद्धांजलि दी।
- सानंद न्यास का 32 साल का सफर सराहा गया।
ग्वालियर में आयोजित अखिल भारतीय तानसेन समारोह के तीसरे दिन 2023 के तानसेन अलंकरण और राजा मानसिंह तोमर सम्मान के लिए दो महत्वपूर्ण नामों की घोषणा की। ये पुरस्कार भारतीय संगीत की धारा में विशेष योगदान देने वाले कलाकारों और संस्थाओं को दिए गए।
तानसेन अलंकरण भारतीय संगीत के सबसे प्रतिष्ठित अवार्डों में से एक है। इस बार देश के प्रसिद्ध तबला वादक पंडित स्वपन चौधरी को प्रदान किया गया। राजा मानसिंह तोमर सम्मान 2023 इंदौर की कला संस्था सानंद न्यास को मिला।
तानसेन अलंकरण से सम्मानित पंडित स्वपन चौधरी
इस खास मौके पर पद्मश्री पंडित स्वपन चौधरी ने अपने सम्मान पर खुशी और गर्व का इजहार करते हुए कहा कि वह एक म्यूजिशियन हैं और उन्हें अब तक कई पुरस्कार मिल चुके हैं, लेकिन तानसेन अलंकरण उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
पंडित स्वपन चौधरी ने यह भी कहा कि वह हमेशा तानसेन के आशीर्वाद के साथ बजाते हैं। यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें यह प्रतिष्ठित अलंकरण मिला। उन्होंने अपनी प्रस्तुति के पहले कहा कि वह हमेशा एक शिक्षार्थी रहे हैं। अब तक जो संगीत उन्होंने सुना है, वह उनके लिए एक नई दिशा की तलाश है।
राजा मानसिंह तोमर सम्मान 2023
इंदौर की संस्था सानंद न्यास को राजा मानसिंह तोमर सम्मान मिला, जिसे संस्था के अध्यक्ष जयंत माधव भिषे और सचिव संजीव बावीकर ने ग्रहण किया। जयंत भिषे ने इस सम्मान को संस्था के सभी कला रसिकों का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि सानंद न्यास एक कला प्रेमियों का समूह है और 32 साल पहले इसकी शुरुआत हुई थी, जो आज एक विशाल वृक्ष के रूप में फल-फूल रहा है।
समारोह में संस्कृति मंत्री की अहम बातें
समारोह में आनलाइन जुड़कर मध्य प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने शास्त्रीय संगीत के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मप्र सरकार शास्त्रीय संगीत को प्रोत्साहित करने के लिए काम कर रही है। इस संगीत समारोह का हिस्सा बनने से भारतीय शास्त्रीय संगीत की धारा को और अधिक मजबूती मिलेगी।
स्वपन चौधरी ने जाकिर हुसैन को किया याद
कार्यक्रम के बाद पंडित स्वपन चौधरी ने दिवंगत तबला वादक जाकिर हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह हमेशा एक अद्भुत तबलिया थे। स्वपन चौधरी ने बताया कि उनका और जाकिर हुसैन का रिश्ता 1970 से पहले का था और वह हमेशा उनके बहुत करीबी थे। स्वपन चौधरी ने जाकिर हुसैन की कमी को महसूस किया। उन्होंने कहा कि वह बहुत जल्दी चले गए, लेकिन उनका योगदान हमेशा संगीत इतिहास में जीवित रहेगा।


